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शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 592 अंक टूटा, निफ्टी 25900 से नीचे हुआ बंद; किस वजह से आया ये झटका?

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 30, 2025 03:58 pm IST,  Updated : Oct 30, 2025 03:58 pm IST

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की चिंता बढ़ाने वाले कई ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स 592.67 अंकों की भारी गिरावट के साथ 84,404.46 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 176.05 अंक फिसलकर 25,877.85 के स्तर पर आ गया।

लाल रंग से नहाया शेयर...- India TV Hindi
लाल रंग से नहाया शेयर बाजार Image Source : CANVA

Stock Market closing: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को जोरदार गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों की भावनाओं पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अस्पष्ट रुख और विदेशी फंड्स की बिकवाली ने पानी फेर दिया। दिनभर की अस्थिरता के बाद बीएसई सेंसेक्स 592.67 अंक या 0.70% गिरकर 84,404.46 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 176.05 अंक या 0.68% फिसलकर 25,877.85 पर आ गया। बाजार में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, सन फार्मा, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयरों पर दिखा, जो 5% तक टूटे।

क्या थी गिरावट की बड़ी वजह?

1. फेड के संकेतों से टूटी उम्मीदें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर में कटौती तो की, लेकिन चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने साफ संकेत दिया कि आगे जल्द कोई और रेट कट की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के शटडाउन के चलते ताजा आर्थिक डेटा उपलब्ध नहीं है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। उनके इस बयान ने ग्लोबल मार्केट्स की जोखिम लेने की इच्छा को ठंडा कर दिया और इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

2. एफआईआई की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 2540 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले। लगातार जारी विदेशी बिकवाली ने घरेलू बाजार की मजबूती पर ब्रेक लगा दिया।

3. बढ़ती वोलैटिलिटी से घबराए निवेशक: इंडिया VIX 1.5% बढ़कर 12.16 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स में घबराहट बढ़ रही है और बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।

तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि निफ्टी की तेजी हाल के हाई लेवल पर धीमी होती दिख रही है। ऑस्सिलेटर इंडिकेटर्स में झिझक नजर आ रही है, हालांकि बुलिश पैटर्न अब भी बने हुए हैं। अगर निफ्टी 25,990 तक गिरता है तो वहां खरीदारी देखने को मिल सकती है, जबकि 25,886 पर तत्काल सपोर्ट बना हुआ है।

आगे क्या?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल बाजार ग्लोबल संकेतों के हिसाब से ही दिशा तय करेगा। अमेरिकी फेडरल की नीतियों और विदेशी निवेश के रुख पर नजर बनाए रखना जरूरी है। कम वक्त के निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकता है।

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