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होम लोन लेने से पहले समझ लीजिए, लोन की ब्याज दर का यह फॉर्मूला

होम लोन दो तरह के होते हैं। पहला फिक्स ब्याज पर लिया गया लोन और दूसरा रिड्यूजिंग बैलेंस मेथड के आधार पर।

Indiatv Paisa Desk Edited By: Indiatv Paisa Desk
Published on: September 28, 2022 16:36 IST
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Photo:FILE home loan

आमतौर पर, ऋण ईएमआई या समान मासिक किश्तों में चुकाया जाता है। आपके द्वारा भुगतान की जाने वाली ईएमआई बकाया राशि पर निर्भर करती है जो आपके पास है। जैसे ही आप अपने ऋण का भुगतान करते हैं, बकाया मूलधन स्पष्ट रूप से कम हो जाएगा और बकाया राशि पर ब्याज लगाया जाएगा। अलग-अलग उधार देने वाली कंपनियों द्वारा अलग-अलग समय अवधि का उपयोग करके बकाया मूलधन की गणना की जाएगी।

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होम लोन दो तरह के होते हैं। पहला फिक्स ब्याज पर लिया गया लोन और दूसरा रिड्यूजिंग बैलेंस मेथड के आधार पर। फिक्स्ड चार्ज यानी ब्याज पर लोन पर एक तयशुदा ब्याज लिया जाता है। और इस तय ब्याज को असल मूल में जोड़कर उसकी किस्त बना दी जाती है।

तय ब्याज अक्सर ही घाटे का सौदा साबित होता है क्योंकि बैंकर्स इस ब्याज को इस तरह से निर्धारित करता है कि ब्याज आने वाले 10 से 15 साल तक वही रहे जो उसने निर्धारित की है।

रिड्यूजिंग बैलेंस मेथड

रिड्यूजिंग मेथड का उपयोग सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें उपभोक्ता को काफी फायदा भी रहता है। क्योंकि ब्याज के साथ इसमें मूल भी चला जाता है और इस तरह से मूल और ब्याज जाने से समय पर लोन कम होता चला जाता है।

इस विधि से ग्राहक को फायदा पहुंचता है और उसे कम ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। क्योंकि एक तरफ जहां उसका मूलधन कम होता है वहीं लोन ली गई राशि भी कम होती जाती है।

कैसे समझे ब्याज और ऋण चुकाने की विधि को

मान लीजिए, कोई ग्राहक 10% ब्याज दर के साथ 40 लाख रुपये का आवास ऋण लेता है। मासिक EMI 38,601 रुपये हो जाती है। प्रत्येक EMI में मूलधन का एक प्रतिशत होता है जिसे चुकाया जाना होता है और साथ ही एक ब्याज घटक भी होता है।

अब, पहले महीने में, 40 लाख रुपये पर 10% शुल्क लिया जाता है। 38,601 रुपये की कुल ईएमआई में से मासिक किस्त में पहले महीने का ब्याज घटक 33,333 रुपये है और शेष 5,268 रुपये मूलधन के पुनर्भुगतान में जाता है। तो, पहले महीने के अंत में, शेष राशि 39,94,732 रुपये (40,00,000 रुपये - 5,268 रुपये) हो जाती है।

दूसरे महीने में, 39,94,732 रुपये की कम शेष राशि पर 10% चार्ज किया जाता है और ईएमआई का ब्याज 33,289 रुपये हो जाता है। शेष 5,311 रुपये मूलधन के पुनर्भुगतान में चला जाता है और यह अगले महीनों में तब तक जारी रहता है जब तक कि ऋण का भुगतान पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता।

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