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50 लाख का घर लेना है या 1 करोड़ का? 5-20-3-40 रूल बताएगा आपकी सैलरी और बजट का सही हिसाब

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Nov 23, 2025 12:22 pm IST,  Updated : Nov 23, 2025 12:22 pm IST

घर खरीदना हर किसी के जीवन का सबसे बड़ा फैसला होता है। लेकिन इसी फैसले में सबसे बड़ी चुनौती पैसों का सही प्लान करना होती है। कई लोग बिना सोचे-समझे बड़ा घर चुन लेते हैं और फिर EMI, ब्याज और कर्ज के बोझ के नीचे दब जाते हैं।

घर खरीदने का फॉर्मूला...- India TV Hindi
घर खरीदने का फॉर्मूला हुआ आसान! Image Source : CANVA

घर खरीदना जीवन का सबसे बड़ा और सबसे भावनात्मक फैसलों में से एक होता है। कई लोग सालों तक पैसे जोड़ते हैं, बैंक लोन की ईएमआई की गणना करते हैं और अपनी पूरी सैलरी स्ट्रक्चर को घर की कीमत के हिसाब से एडजस्ट करते रहते हैं। लेकिन असली सवाल यही होता है कि आप कितने कीमत का घर खरीद सकते हैं? 50 लाख का या 1 करोड़ का? इस सवाल का जवाब कोई ब्रोकर नहीं, बल्कि एक सिंपल फाइनेंशियल फॉर्मूला 5-20-3-40 देता है। यह नियम आपकी आय, बजट, ईएमआई और डाउन पेमेंट के बीच बिल्कुल सही संतुलन बनाता है ताकि आप लोन के जाल में न फंसें और घर लेने का सपना बोझ न बन जाए।

5-20-3-40 रूल

  1. 5% रूल: घर की कुल कीमत का कम से कम 5% पैसा आपको अपने पर्सनल फंड से रखना ही चाहिए। मान लीजिए आप 50 लाख का घर लेना चाहते हैं तो आपको कम से कम 2.5 लाख रुपये का फंड अपने पास होना जरूरी है। हालांकि बैंक आमतौर पर 20% डाउन पेमेंट ही मांगते हैं, लेकिन 5% आपका बेसिक सेफ्टी फंड है।
  2. 20% रूल: घर की कीमत के 80% से ज्यादा लोन नहीं लेना चाहिए। अगर घर 50 लाख का है, तो लोन 40 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से आपकी ईएमआई आसानी से भर पाएंगे और आप पर ब्याज का बहुत ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा।
  3. 3 गुना रूल: यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है। घर की कीमत आपकी वार्षिक आय के 3 गुना से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। मान लीजिए आपकी सालाना आय 15 लाख है, तो आपके लिए 45 लाख रुपये तक का घर ही सही माना जाएगा। यानी 50 लाख का घर भी बॉर्डरलाइन रहेगा, जबकि 1 करोड़ तो आपकी क्षमता से कहीं ऊपर।
  4. 40% रूल: आपकी ईएमआई आपकी मासिक सैलरी के 40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर आपकी हर महीने की आय 1 लाख रुपये है, तो ईएमआई ज्यादा से ज्यादा 40,000 रुपये होनी चाहिए। इससे बाकी खर्च, बचत और इन्वेस्टमेंट सेफ रहते हैं।

क्यों जरूरी है यह नियम?

5-20-3-40 रूल न सिर्फ आपको घर चुनने में मदद करता है, बल्कि आपके पूरे फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को स्थिर रखता है। यह सुनिश्चित करता है कि लोन चुकाते समय आपकी लाइफस्टाइल, बचत और इमरजेंसी फंड पर कोई दबाव न पड़े।

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