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SBI में 24 महीने की एफडी में ₹2,40,000 जमा करेंगे तो रिटर्न कितना मिलेगा? समझें गणित

 Published : Apr 08, 2026 03:34 pm IST,  Updated : Apr 08, 2026 03:34 pm IST

फिक्स्ड डिपॉजिट, कम से मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक सही साधन हैं, जैसे कि कार खरीदना, पढ़ाई का खर्च उठाना या छुट्टियों की योजना बनाना आदि। FD पर बाजार के हालात का कोई असर नहीं पड़ता।

एसबीआई सीनियर सिटीजन को ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है।- India TV Hindi
एसबीआई सीनियर सिटीजन को ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है। Image Source : FREEPIK

अगर आप ₹2,40,000 की राशि को 2 साल (24 महीने) के लिए SBI की फिक्स्ड डिपोजिट (FD) में लगाने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए एकदम सही समय हो सकता है। आजकल जहां शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव है, वहां एफडी जैसा सुरक्षित विकल्प न सिर्फ पूंजी की सुरक्षा करता है बल्कि निश्चित और आकर्षक ब्याज भी देता है। आइए एक आसान कैलकुलेशन के साथ समझते हैं कि इस एफडी से आपको कुल कितना रिटर्न मिलेगा, ब्याज कितना बनेगा और मैच्योरिटी अमाउंट कितना होगा। 

कितना मिल रहा ब्याज

भारतीय स्टेट बैंक मौजूदा समय में 2 वर्ष से लेकर 3 वर्ष से कम अवधि के लिए एफडी पर सामान्य ग्राहक को 6.40 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहे हैं। अगर आप सीनियर सिटीजन यानी वरिष्ठ नागरिक की कैटेगरी में आते हैं तो आपको 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज यानी 6.90 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर किया जा रहा है। 

रिटर्न का कैलकुलेशन समझ लें

अगर आप सामान्य ग्राहक हैं तो एफडी कैलकुलेटर के मुताबिक, 6.40 प्रतिशत ब्याज के आधार पर 2 साल बाद आपको ₹2,40,000 की एफडी पर कुल ₹32,496 रिटर्न मिलेगा। यानी मैच्योरिटी पर आपके पास 2,72,496 रुपये का फंड होगा। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं तो 6.90 प्रतिशत ब्याज के आधार पर 2 साल बाद आपको कुल रिटर्न ₹35,190 मिलेगा। यानी तब आपके पास कुल 2,75,190 रुपये इकट्ठे होंगे। 

एफडी के फायदे

  • फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट एक तय ब्याज दर देते हैं, जिससे आपके निवेश पर अनुमानित और स्थिर रिटर्न मिलता है।
  • FD को कम जोखिम वाला निवेश माना जाता है क्योंकि ये बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं होते, जिससे ये कम जोखिम चाहने वाले निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन जाते हैं।
  • आपकी मूल राशि सुरक्षित रहती है, और आपको मैच्योरिटी पर ब्याज के साथ अपनी शुरुआती निवेश राशि वापस मिलने की गारंटी होती है।
  • बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए अलग-अलग समय-सीमा के विकल्प देते हैं, जिससे निवेशक अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से कुछ महीनों से लेकर कई सालों तक की अवधि चुन सकते हैं।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट खोलना एक आसान प्रक्रिया है, जिसमें बहुत कम दस्तावेज़ों और एक साधारण आवेदन की ज़रूरत होती है।
  • टैक्स बचाने वाले फिक्स्ड डिपॉजिट, इनकम टैक्स एक्ट की कुछ खास धाराओं के तहत टैक्स में कटौती का फायदा देते हैं, जिससे लंबे समय के लिए बचत करने को बढ़ावा मिलता है।
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