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शेयर, म्यूचुअल फंड, सोना या PPF? छोटे निवेशकों के लिए इनमें कौन है बेस्ट इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट?

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Feb 17, 2025 07:53 am IST,  Updated : Feb 17, 2025 07:53 am IST

फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि जब आप अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं, तो सोने में निवेश करना एक बढ़िया विकल्प है, क्योंकि शेयर बाजार में गिरावट का आमतौर पर सोने की कीमतों में गिरावट नहीं होती है। इसके साथ ही एफडी और पीपीएफ में भी निवेश करना फायदेमंद होता है।

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इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट Image Source : FREEPIK

आमतौर पर एक छोटा निवेशक अपनी बचत का पैसा वहां लगाना चाहता है, जहां से उसे अधिक रिटर्न मिल सके। साथ ही वह जोखिम का भी आकलन करता है। छोटे निवेशक सबसे पहले जोखिम का आकलन करते हैं, फिर निवेश करते हैं। इसलिए भारत में आज भी बैंक एफडी और पीपीएफ सबसे पसंदीदा निवेश माध्यम है। हाल के दिनों में इक्विटी यानी शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह FD और PPF के मुकाबले मिलने वाला ज्यादा रिटर्न है। हालांकि, एक बार फिर से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बाद निवेशक यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि वो अपनी मेहनत की कमाई कहां निवेश करें, जहां से उन्हें रिटर्न भी मिले और पैसा भी सुरक्षित रहे। आइए जानते हैं कि इस बाजार में एक छोटे निवेशक को अपना पोर्टफोलियो कैसा रखना चाहिए। 

इक्विटी निवेश क्या हैं?

इक्विटी निवेश किसी कंपनी के स्टॉक की खरीद के माध्यम से निवेश किया गया पैसा है। इन शेयरों का आमतौर पर स्टॉक एक्सचेंज में आदान-प्रदान किया जाता है। यह निवेश की गई मूल राशि के मूल्य को बढ़ा सकता है, जो पूंजीगत लाभ और लाभांश के रूप में आता है। यह न्यूनतम प्रारंभिक निवेश राशि के लिए एक विविध निवेश विकल्प प्रदान करता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप लंबी अवधि के लिए पैसा लगा रहे हैं और जोखिम सहन कर सकते हैं तो इक्विटी में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, इक्विटी निवेश जोखिम रहित नहीं है। यह बाजार के उतार-चढ़ाव, आर्थिक मंदी और कंपनी-विशिष्ट से प्रभावित होता है। 

म्यूचुअल फंड में निवेश क्या है? 

छोटे निवेशक SIP या एकमुश्त निवेश कर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं। म्यूचुअल फंड में पैसा का प्रबंधन एक जानकार फंड मैनेजर करता है। वह सही कंपनी का चुनाव कर पैसा लगाता है। शेयरों के मुकाबले म्यूचुअल फंड में जोखिम कम होता है। इसलिए अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो म्यूचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन इस बात का जरूर ख्याल रखें कि बाजार के उतार-चढ़ाव का असर म्यूचुअल फंड पर भी होगा। यह पूरी तरह से जोखिम रहित निवेश नहीं है। 

सोने में निवेश क्या है?

सोना कई सालों से भारतीय बाजार में लोकप्रिय निवेशों में से एक रहा है। यह निवेशकों के बीच सुरक्षा की भावना देता है। रियल एस्टेट की तुलना में सोना आसानी से खरीदा जा सकता है। यह एक आदर्श विकल्प भी है क्योंकि इसे बेचना आसान है और आप इसे अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं। स्टॉक, रियल एस्टेट और अन्य निवेशों के विपरीत, इसके लिए किसी विशेष कौशल की आवश्यकता नहीं होती है। सोने की कीमतें अस्थिर हो सकती हैं, लेकिन उन्होंने समय के साथ अपना मूल्य बनाए रखा है। भौतिक सोने के अलावा, आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना, गोल्ड में भी निवेश कर सकते हैं। जानकारों का कहना है कि हर निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में कुछ न कुछ सोना रखना चाहिए। 

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) क्या है?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक सरकारी समर्थित बचत योजना है जो निवेश पर कर लाभ और आकर्षक रिटर्न प्रदान करती है। यह योजना आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर लाभ प्रदान करती है। इस योजना के लिए न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये की वार्षिक जमा राशि की आवश्यकता होती है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड की न्यूनतम अवधि 15 वर्ष है, जिसे 5 वर्षों के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। पीपीएफ खाता कोई भी भारतीय नागरिक, जिसमें नाबालिग भी शामिल हैं, खोल सकता है। 15 साल की लॉक-इन अवधि के साथ, यह उन लोगों के लिए उपयुक्त विकल्प है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। 

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