थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बृहस्पतिवार को बठिंडा सैन्य स्टेशन स्थित चेतक कोर और श्रीगंगानगर स्थित प्रतिष्ठित नागी युद्ध स्मारक का दौरा किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस दौरान जनरल द्विवेदी को चेतक कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग ने सेक्टर में तैनात इकाइयों और संरचनाओं की परिचालन तत्परता, मौजूदा सुरक्षा स्थिति और प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद जनरल द्विवेदी ने नागी युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
सेना प्रमुख ने की बीएसएफ की सराहना
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनरल द्विवेदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मजबूत सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने में भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। अपनी यात्रा के दौरान, थल सेनाध्यक्ष ने सेना के पूर्व सैनिकों, प्रमुख नागरिकों और उन नागरिक योद्धाओं से भी बातचीत की, जिन्होंने 1971 में ऐतिहासिक नागी युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। बता दें कि बीते दिनों सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किसी भी पारंपरिक मिशन से अलग था और यह शतरंज की बाजी जैसा था क्योंकि ‘‘हमें नहीं पता था’’ कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी।
सेना प्रमुख बोले- असली जीत दिमाग में होती है
सेना प्रमुख कहा कि ‘टेस्ट मैच’ चौथे दिन ही रुक गया लेकिन देखा जाए तो यह लंबा संघर्ष हो सकता था। उन्होंने ‘‘नैरेटिव मैनेजमेंट’’ (विमर्श गढ़ने, किसी विषय पर लोगों की धारणा बनाने) के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि ‘‘असली जीत दिमाग में होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछें कि ‘‘आप हारे या जीते, तो वह कहेगा कि हमारे (सेना प्रमुख) फील्ड मार्शल बन गए हैं, तो हम जरूर जीते होंगे, इसीलिए वह फील्ड मार्शल बने हैं।’’ सेना प्रमुख ने चार अगस्त को मद्रास स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में आयोजित एक समारोह को संबोधित करने के दौरान यह टिप्पणी की। उनके संबोधन का वीडियो सेना ने सप्ताहांत में साझा किया।
(इनपुट-भाषा)