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एक पोर्टल, एक संपर्क बिंदु, 45 दिन: 'फास्ट-ट्रैक पंजाब' पोर्टल के जरिए निवेशकों की मंजूरियों में कैसे तेजी ला रहा पंजाब

 Edited By: Amar Deep
 Published : Oct 30, 2026 12:18 pm IST,  Updated : Oct 30, 2026 12:20 pm IST

‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ के जरिए निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस जमा कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। पोर्टल पर 200 से अधिक व्यावसायिक सेवाएं और करीब 50 प्रमुख नियामकीय मंजूरियां उपलब्ध हैं।

'फास्ट-ट्रैक पंजाब' पोर्टल से निवेशकों को मिल रहा लाभ।- India TV Hindi
'फास्ट-ट्रैक पंजाब' पोर्टल से निवेशकों को मिल रहा लाभ। Image Source : REPORTER INPUT

पंजाब सरकार निवेशकों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया आसान और तेज करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ पोर्टल के वित्तीय प्रोत्साहन मॉड्यूल ‘पासबुक’ की शुरुआत की थी। इसके साथ ‘HUNAR पंजाब’ पोर्टल भी लॉन्च किया गया। सरकार के मुताबिक, अब निवेशक ऑनलाइन आवेदन करने, फीस जमा करने और मंजूरी की स्थिति जानने के साथ-साथ अपने लिए उपलब्ध वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी भी पोर्टल पर देख सकेंगे।

एक पोर्टल, एक संपर्क केंद्र से पूरी प्रक्रिया

पंजाब सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेशकों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ को निवेशकों के लिए एकल संपर्क केंद्र बनाया गया है। निवेश संबंधी शुरुआती बातचीत से लेकर मंजूरी, निर्माण, उत्पादन और भविष्य में कारोबार के विस्तार तक निवेशकों को सहायता देने की व्यवस्था है। सरकार इसे ‘एक कार्यालय, एक पोर्टल’ और ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ मॉडल के रूप में पेश कर रही है। इसका मकसद जिम्मेदारी तय करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाना है।

ऑनलाइन आवेदन, फीस और मंजूरी की स्थिति की जानकारी

‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ के जरिए निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस जमा कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। पोर्टल पर 200 से अधिक व्यावसायिक सेवाएं और करीब 50 प्रमुख नियामकीय मंजूरियां उपलब्ध हैं। निवेश संबंधी आवेदनों की तय समयसीमा के भीतर निगरानी की जाती है और उन्हें 45 दिनों में निपटाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने 8 अक्टूबर को कहा, "फास्ट-ट्रैक पंजाब पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले निवेशकों को सभी मंजूरियां 45 दिनों के भीतर मिलेंगी।" ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ व्यवस्था के तहत लागू मामलों में ऑटो-डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान भी है। इसका अर्थ है कि निर्धारित समयसीमा में फैसला नहीं होने पर, संबंधित नियमों और शर्तों के अधीन, मंजूरी को स्वीकृत माना जा सकता है।

अब पोर्टल पर दिखेगी वित्तीय प्रोत्साहन की जानकारी

‘पासबुक’ मॉड्यूल की शुरुआत से निवेशकों को उनके लिए उपलब्ध वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी एक ही जगह मिलने की व्यवस्था की गई है। वे पोर्टल के माध्यम से इन प्रोत्साहनों की स्थिति भी देख सकेंगे। इससे उन्हें अलग-अलग कार्यालयों और प्रक्रियाओं पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी। मुख्यमंत्री मान ने कहा, "निवेशक अब इन प्रोत्साहनों की स्थिति पोर्टल के जरिए देख सकेंगे। उन्हें इसके लिए कई कार्यालयों और अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।" इस सुविधा का उद्देश्य वित्तीय प्रोत्साहन से जुड़ी जानकारी में पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना है।

विभागों में डिजिटल व्यवस्था से देरी कम करने की कोशिश

सरकार ने विभिन्न विभागों में ई-ऑफिस और ऑनलाइन प्रणालियां लागू की हैं, ताकि अनावश्यक देरी कम हो और कामकाज में जवाबदेही बढ़े। उद्योग एवं निवेश मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि उनका विभाग पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल बना रहा है, जिससे निवेश परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में बाधाओं का सामना न करना पड़े। सरकार का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से आवेदन की निगरानी आसान होगी और निवेशकों को अपनी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी मिल सकेगी।

कारोबार शुरू करने के नियमों में भी बदलाव

1 जून को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधनों की जानकारी दी थी। इन बदलावों के तहत निर्धारित समयसीमा में सैद्धांतिक मंजूरी देने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, कारोबार की पहचान के लिए पैन आधारित पहचान प्रणाली का भी जिक्र किया गया। इन उपायों का उद्देश्य कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और निवेशकों को शुरुआती स्तर पर जरूरी मंजूरियां समय पर उपलब्ध कराना है।

कारोबार सुधारों के लिए पंजाब को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

नवंबर 2025 में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान 2024 के तहत पंजाब को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा दिया था। द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहचान कारोबार शुरू करने, निर्माण परमिट से जुड़ी सुविधाओं, निवेश को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों के लिए दी गई थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और इससे 6.31 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। ‘फास्ट-ट्रैक पंजाब’ और ‘पासबुक’ जैसी डिजिटल पहलों के जरिए सरकार का लक्ष्य निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

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