जालंधर: सेंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा को भ्रष्टाचार के मामले में बीते दिन गिरफ्तार किया गया। वहीं देर रात 12 बजे के करीब सिविल अस्पताल में रमन अरोड़ा का मेडिकल की प्रक्रिया ईएमओ डॉक्टर सिमरन कौर की देख-रेख की गई। इस दौरान रमन अरोड़ा को गाड़ी से बाहर नहीं निकाला गया। दूसरी ओर आज दोबारा पुलिस रमन अरोड़ा के घर पहुंची। जहां पुलिस द्वारा रमन अरोड़ा के घर और कार की तलाशी ली गई।
पांच दिन की रिमांड पर रमन अरोड़ा
इधर, रमन अरोड़ा को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने रमन अरोड़ा का 10 दिन का रिमांड मांगा। लेकिन कोर्ट ने रमन अरोड़ा की रिमांड 5 दिनों के लिए विजिलेंस को सौंपी। हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान रमन अरोड़ा और विजिलेंस की टीम ने मीडिया से दूरी बनाई रखी। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस टीम को पूछताछ में कई अहम सुराग मिले है। जिसके चलते जल्द कई अधिकारियों पर विजिलेंस की टीम शिकंजा कस सकती है।
विजिलेंस के छापे में मिली ये चीजें
बता दें कि बीते दिन विजिलेंस द्वारा विधायक रमन अरोड़ा के पीए रोहित कपूर और हनी भाटिया से पूछताछ की गई। जहां पीए ने बताया कि वह सिर्फ पुलिस का कामकाज ही देखता था। जिसके बाद देर रात दूसरे पीए हनी भाटिया के घर विजिलेंस ने दबिश दी। बताया जा रहा है कि हनी के घर से विजिलेंस की टीम को पेनड्राइव, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। इसी के साथ चरणजीतपुरा के पास स्थित आढ़ती महेश मखीजा के घर पर भी विजिलेंस ने दबिश दी और उसे पूछताछ के लिए साथ ले गई थी।
विधायक पर लगे हैं ये आरोप
बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को जालंधर सेंट्रल में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रमन अरोड़ा को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था। यह गिरफ्तारी उस समय की गई जब दिन में उनके घर और दफ्तरों पर छापेमारी की गई। उन पर जालंधर नगर निगम में रिश्वतखोरी और जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप है। कई सालों से जालंधर सेंट्रल का प्रतिनिधित्व कर रहे रमन अरोड़ा पर आरोप है कि उन्होंने ऐसी योजना बनाई जिसमें निवासियों को फर्जी नगर निगम नोटिस भेजे गए। फिर उन्हें वापस लेने के बदले में रिश्वत मांगी।
रिपोर्ट- परमजीत सिंह रंगपुरी