चंडीगढ़ः पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मची हुई है। मूसलाधार बारिश से प्रदेश के सभी 23 जिलों में बाढ़ आ गई है। इसकी वजह से हालात काफी बिगड़ गए हैं। इसके चलते पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदा प्रभावित राज्य घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही बाढ़ के कारण पंजाब में 7 सितंबर तक सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। बाढ़ और बारिश से घटित घटनाओं में अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है।
1400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में
जानकारी के मुताबिक, पंजाब में बाढ़ से 23 जिलों में 1400 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने राज्य के सभी 23 ज़िलों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है। उन्होंने ज़िला आयुक्तों को आपदा की आशंका की स्थिति में अधिनियम की धारा 34 के तहत सभी आवश्यक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया है, जिससे उन्हें स्वतंत्र रूप से कार्य करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का अधिकार मिलता है।
7 सितंबर तक बंद रहेंगे सभी स्कूल
पंजाब सरकार ने बुधवार को राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को सात सितंबर तक बंद रखने की घोषणा की। इस संबंध में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की। बैंस ने कहा, ‘‘सभी से स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध है। इससे पहले, सरकार ने तीन सितंबर तक सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी थीं।
पंजाब में बुधवार को भी हुई बारिश
पंजाब में बुधवार को भी झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को सुबह 8. 30 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान दोनों राज्यों के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। पंजाब के जिन क्षेत्रों में बारिश हुई, उनमें अमृतसर में 27.6 मिमी, लुधियाना में 29.8 मिमी, पटियाला में 9.2 मिमी, पठानकोट में 41.2 मिमी, गुरदासपुर में 94.7 मिमी और मोहाली में 55.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इन गांव में बाढ़ की चेतावनी
रूपनगर जिला प्रशासन ने बुधवार को सतलुज नदी के पास रहने वाले स्थानीय लोगों को सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश में भाखड़ा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। सुबह छह बजे भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,677.84 फुट था, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 1,680 फुट है। बांध में 86,822 क्यूसेक पानी पहुंचा जबकि 65,042 क्यूसेक छोड़ा गया था। हरसा बेला, बेला रामगढ़, बेला धियानी अपर, बेला धियानी लोअर, सेंसोवाल, एल्गरा, बेला शिव सिंह, भलान, भनम, सिंघपुरा, पलासी, तरफ मजारा और मजारी गांव में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
(भाषा इनपुट के साथ)