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पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर जताई आपत्ति, जस्टिस अश्विनी मिश्रा को शपथ न दिलाने की मांग

 Reported By: Puneet Pareenja Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 06, 2026 10:53 pm IST,  Updated : Sep 06, 2026 11:11 pm IST

पंजाब मंत्रिमंडल ने रविवार शाम पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को अधिसूचित करने के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान - India TV Hindi
मुख्यमंत्री भगवंत मान Image Source : X@BHAGWANTMANN

चंडीगढ़: पंजाब कैबिनेट ने रविवार शाम को केंद्र के उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का चीफ़ जस्टिस नियुक्त करने की सूचना जारी की गई थी। कैबिनेट का कहना है कि यह फ़ैसला राज्य सरकार की राय लिए बिना, संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार करके लिया गया। कैबिनेट की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य कैबिनेट ने फ़ैसला किया है कि नियुक्ति और शपथ ग्रहण समारोह को तब तक रोक दिया जाना चाहिए जब तक पंजाब की राय न ले ली जाए और उस पर ठीक से विचार न कर लिया जाए।

केंद्र पर संवैधानिक नियमों के उल्लंघन का आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पंजाब के अधिकारों पर डाका डालने और संवैधानिक नियमों का लगातार उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि राज्य सरकार की सहमति लिए बिना पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की गई है। उन्होंने इसे तय प्रक्रियाओं (Memorandum of Procedure) और संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन बताया है। पंजाब सरकार ने मांग की है कि इस नियुक्ति को तुरंत रोका जाए और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए राज्य की राय का सम्मान किया जाए।

शपथ न दिलाने की मांग

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को भरोसे में लिए बिना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना न्यायपालिका के कामकाज में केंद्र का सीधा दखल है। पंजाब कैबिनेट ने जो प्रस्ताव पारित किया है उसमें केंद्र सरकार से ये भी मांग की गई है कि पंजाब सरकार की सहमति ना मिलने तक पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की शपथ ना करवाई जाए।

शनिवार को केंद्र ने जारी की थी अधिसूचना

केंद्र ने शनिवार को जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति की सूचना जारी की थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लगभग एक महीने पहले उनकी पदोन्नति की सिफ़ारिश की थी। वह जून से ही यहां हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं और सोमवार को यहां के गवर्नर उन्हें हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के तौर पर शपथ दिलाने वाले हैं। शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले, मान सरकार ने केंद्र के फ़ैसले के ख़िलाफ़ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कैबिनेट की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के संवैधानिक अधिकारों और स्थापित प्रक्रियाओं को दरकिनार करने की कड़ी निंदा की।

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