1. Hindi News
  2. पंजाब
  3. कपास के खेत से ग्लोबल फैशन मार्केट तक: पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग की ताकत और भविष्य की तैयारी

कपास के खेत से ग्लोबल फैशन मार्केट तक: पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग की ताकत और भविष्य की तैयारी

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 01, 2026 05:41 pm IST,  Updated : Nov 01, 2026 05:41 pm IST

पंजाब का एकीकृत टेक्सटाइल उद्योग कपास उत्पादन से लेकर परिधान निर्माण और निर्यात तक फैला है। राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति, तकनीकी टेक्सटाइल, नवाचार और निवेश के जरिए वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और रोजगार सृजन पर जोर दे रही है।

Punjab Textile Industry- India TV Hindi
मुख्यमंत्री भगवंत मान। Image Source : INDIA TV

कपास के खेतों से लेकर धागा बनाने, कपड़ा तैयार करने, परिधान सिलने और उन्हें दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने का सफर पंजाब के भीतर ही पूरा हो सकता है। राज्य का यही एकीकृत टेक्सटाइल नेटवर्क उसे देश के प्रमुख कपड़ा उत्पादन केंद्रों में शामिल करता है। जुलाई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित BharatTex 2026 में पंजाब ने इसी ताकत को निवेशकों के सामने रखा था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की औद्योगिक नीति, निर्यात क्षमता और नए निवेश अवसरों को रेखांकित करते हुए घरेलू और वैश्विक कंपनियों को पंजाब में विस्तार का न्योता दिया था।

कपास से कपड़े तक, पूरी वैल्यू चेन

पंजाब में टेक्सटाइल उद्योग की श्रृंखला कपास की खेती से शुरू होकर कताई, धागा निर्माण, कपड़ा उत्पादन, निटिंग, प्रोसेसिंग, परिधान निर्माण और निर्यात तक फैली है। इससे कंपनियों को उत्पादन के अलग-अलग चरण एक ही राज्य में पूरे करने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री मान ने BharatTex 2026 में कहा था कि पंजाब का एकीकृत टेक्सटाइल इकोसिस्टम निवेश, रोजगार और निर्यात बढ़ाने में मदद कर सकता है। इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों के साथ हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSMEs भी शामिल हैं, जो उत्पादन और रोजगार में अहम भूमिका निभाते हैं।

1.2 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात

मुख्यमंत्री के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में पंजाब से टेक्सटाइल और परिधान उत्पादों का निर्यात 1.2 अरब डॉलर से अधिक रहा। उन्होंने इसे भारत के कुल टेक्सटाइल और परिधान निर्यात का करीब 4 प्रतिशत बताया था। राज्य में बने उत्पाद अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ब्रिटेन सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचते हैं। पंजाब की योजना पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़कर नए देशों में कारोबार बढ़ाने, निर्यात उत्पादों में विविधता लाने और स्थानीय कंपनियों को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने की है।

लुधियाना है उद्योग का बड़ा केंद्र

पंजाब के टेक्सटाइल उद्योग में लुधियाना की खास जगह है। मुख्यमंत्री मान ने कहा था कि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा निटवेयर और परिधान उद्योग केंद्र है। देश के ऊनी निटवेयर उत्पादन में लुधियाना की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत और होजरी उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत है। वर्धमान, सनातन टेक्सटाइल्स, नाहर, मोंटे कार्लो, गंगा एक्रोवूल, स्पोर्टकिंग, शिंगोरा और ऑक्टेव जैसी कंपनियां इस उद्योग का हिस्सा हैं। इनके साथ हजारों MSMEs भी काम करते हैं। लुधियाना का औद्योगिक नेटवर्क पंजाब को कपड़ा और परिधान निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देता है।

तकनीकी और मेडिकल टेक्सटाइल पर जोर

पंजाब अब पारंपरिक कपड़ों से आगे बढ़कर तकनीकी, औद्योगिक, मेडिकल और सुरक्षात्मक टेक्सटाइल, जियोटेक्सटाइल, टिकाऊ फाइबर, स्मार्ट फैब्रिक, विशेष उपयोग वाले परिधान और उच्च प्रदर्शन वाले स्पोर्ट्सवियर जैसे क्षेत्रों में विस्तार करना चाहता है। इस दिशा में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) से जालंधर में आधुनिक प्रयोगशाला के साथ तकनीकी टेक्सटाइल का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा था।

नई औद्योगिक नीति से निवेश आसान करने की कोशिश

पंजाब इंडस्ट्रियल एंड बिजनेस डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 का उद्देश्य कारोबार करना आसान बनाना और औद्योगिक मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल करना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नीति उद्योग जगत के संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई। इसमें बुनियादी ढांचे, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, कौशल विकास, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर है। सरकार ने मंजूरियों की प्रक्रिया आसान करने के लिए सिंगल विंडो और सिंगल पेन सिस्टम का उल्लेख किया है। Invest Punjab और FastTrack Punjab पोर्टल के जरिए प्रक्रियाएं सरल करने, अनुपालन का बोझ घटाने और पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य है।

निवेश और रोजगार पर सरकार का दावा

सीएम मान ने भारत टेक्स 2026 में कहा था कि पिछले 4 वर्षों में पंजाब में 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया और इससे करीब 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए। उन्होंने कहा था कि पिछली सरकारों के समय प्रतिकूल कारोबारी माहौल और नौकरशाही की चुनौतियों के कारण उद्योग राज्य से बाहर चले गए। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार प्रशासनिक बाधाएं कम करके निवेश के अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने मोहाली को 'भारत की दूसरी सिलिकॉन वैली' भी बताया था और उद्योगों, शिक्षण संस्थानों, शोध संगठनों तथा तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पंजाब से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।