पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब ने 'सड़क सुरक्षा फोर्स' (Sadak Surakhya Force – SSF) की शुरुआत की है। इस फोर्स ने न केवल राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, बल्कि यह इस उद्देश्य के लिए दुनिया भर के लिए नजीर साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री मान ने इसे एक दूरदर्शी पहल बताया, जिसने सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, और आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं।
सड़क सुरक्षा फोर्स ने बचाई कई जानें
सड़क सुरक्षा फोर्स को पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 27 जनवरी, 2024 को लॉन्च किया गया था। इस फोर्स अब तक एक साल में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 47.10 प्रतिशत की कमी की है, जो कि एक बहुत बड़ी कामयाबी है। सड़क सुरक्षा फोर्स को राज्य के 5500 किलोमीटर लंबे नेशनल और स्टेट हाईवे पर तैनात किया गया है। इस फोर्स के पास 129 गाड़ियां हैं, जिनमें अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित टोयोटा हिलक्स जैसी गाड़ियां भी शामिल हैं। इन गाड़ियों को स्थानीय ट्रॉमा सेंटर्स से जोड़ा गया है ताकि दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को तुरंत मदद मिल सके। इन वाहनों को हर 30 किलोमीटर के अंतराल पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर जल्दी पहुंचा जा सके।
त्वरित प्रतिक्रिया और 'प्लेटिनम मिनट्स'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सड़क सुरक्षा फोर्स के लिए 15 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे उन्होंने 'प्लेटिनम मिनट्स' का नाम दिया है। इस समय सीमा में मदद पहुंचाने से दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिलती है, और लोगों की जान बचती है। मुख्यमंत्री मान की इस दूरदर्शी पहल ने राज्य में दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप होने वाली मौतों में 47.10 की कमी लाई है। इस पहल से न केवल राज्य की सड़कें सुरक्षित हो रही हैं, बल्कि यह पूरे देश के लिए भी एक प्रेरणा है।
लिंग समानता और महिला सशक्तिकरण
सड़क सुरक्षा बल में लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फोर्स में 90 महिलाओं को शामिल किया है। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें महिलाओं को महत्वपूर्ण और जिम्मेदार भूमिका दी गई है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि पंजाब सरकार हर क्षेत्र में महिलाओं की समान भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है, खासकर ऐसे क्षेत्र में, जहां महिलाओं की भागीदारी कम देखी जाती है।
भविष्य को लेकर भी हैं बड़ी योजनाएं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह सुनिश्चित किया है कि इस पहल के जरिए मिले दुर्घटनाओं और मृत्यु दर के आंकड़े सार्वजनिक रूप से साझा किए जाएंगे, जिससे राज्य के अधिकारियों को उचित निर्णय लेने में मदद मिल सके। इन आंकड़ों से न केवल वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा, बल्कि भविष्य में सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सही कदम उठाए जा सकेंगे। इसके साथ ही, ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार के लिए नई योजनाओं का सुझाव भी दिया गया है। इसके अंतर्गत, ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों के लिए एक प्वाइंट सिस्टम लागू करने की योजना है, जैसा कि अमेरिका, न्यूजीलैंड और कनाडा में है।
नशे में गाड़ी चालने वालों पर मान सरकार सख्त
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशे में गाड़ी चलाने के खिलाफ एक कठोर नीति अपनाई है। इस नीति के तहत, सड़क सुरक्षा बल नशे में धुत ड्राइवरों को वैकल्पिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराएगा, ताकि वे सुरक्षित घर लौट सकें। यह कदम न केवल नशे में ड्राइविंग को हतोत्साहित करेगा, बल्कि सड़क पर अन्य चालकों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा फोर्स में तैनात सभी वाहनों में कैमरे, वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
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