राजस्थान के झालावाड़ जिले में मॉनसूनी बारिश का रौद्र रूप देखने को मिला। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं मनोहरथाना और रायपुर क्षेत्रों से डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों में उफनते नालों का पानी घुस जाने से करीब 120 बच्चों की जान पर संकट आ गया। हालांकि, समय रहते प्रशासन, पुलिस, स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों की मुस्तैदी से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
झिकनी स्कूल में फंसे 70-80 बच्चे
मनोहरथाना क्षेत्र के झिकनी गांव के राजकीय स्कूल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब उफनते नाले का पानी अचानक तेज गति से स्कूल परिसर और कमरों के अंदर तक घुस गया। स्कूल के भीतर करीब 70 से 80 बच्चे फंस गए थे, और जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल के स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला। अपनी जान की परवाह किए बिना ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कचराखेड़ी गांव में टापू बना सरकारी स्कूल
दूसरी डरावनी घटना रायपुर क्षेत्र के कचराखेड़ी गांव की है, जहां भारी बारिश के कारण सरकारी स्कूल चारों तरफ से पानी से घिरकर एक 'टापू' बन गया। इस स्कूल में करीब 40 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जो पानी के तेज बहाव के बीच अंदर ही फंस गए।
सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासन, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सभी 40 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सरकारी टीचर बाइक समेत बह गए
वहीं, झालावाड़ जिले के भालता के बोरखेड़ी गुजरानइलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां पानी के तेज बहाव में एक सरकारी टीचर बाइक समेत बह गए। दरअसल, बिन्दाखेड़ा गांव निवासी सरकारी टीचर बंकट कुमार अपनी बाइक से गुजर रहे थे, तभी भालता के बोरखेड़ी गुजरान स्थित पानी के तेज बहाव वाले खाल को पार करते समय उनकी बाइक पानी के तेज वेग में बह गई और वे खुद भी फंस गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि टीचर ने किसी तरह बहने से बचते हुए एक पेड़ की डाल को पकड़ लिया और पानी की तेज धार के बीच काफी समय तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते रहे।
घटना की सूचना मिलते ही भालता थाना अधिकारी रमेश चंद अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी और उनकी टीम ने अपनी जान की परवाह किए बिना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता मंगवाई गई, जिसकी मदद से कड़ी मशक्कत के बाद टीचर बंकट कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
(रिपोर्ट- अनीस आलम)
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