राजस्थान मेयर इलेक्शन रिजल्ट में भाजपा को बड़ी जीत मिली है, प्रदेश के तीन बड़े नगर निगमों (जयपुर, जोधपुर और कोटा) में मेयर पद पर बीजेपी ने बाजी मार ली है और इसके साथ ही प्रदेश के 10 नगर निगम में से 9 में बीजेपी ने बंपर जीत हासिल की है और तीनों निगम में भाजपा के मेयर बन गए हैं। जयपुर में सुनील कोठारी, जोधपुर में प्रसंग मेहता और कोटा में भाजपा की अनुसुईया गोस्वामी ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। श्री गंगानगर जिले की श्री विजयनगर नगर परिषद का पहले रोका गया नतीजा भी आज घोषित किया जाएगा। राजस्थान की 309 नगर निकायों में से 308 में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
कोटा में क्रॉस वोटिंग की चर्चा
कोटा में भाजपा की अनुसूईया गोस्वामी महापौर बनी हैं। जानकारी के मुताबिक कोटा नगर निगम में कांग्रेस पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। कोटा नगर निगम में बीजेपी को 65 और कांग्रेस को 35 वोट मिले हैं। कहा जा रहा है कि चार कांग्रेस पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया। कांग्रेस के साथ 39 पार्षद ही रहे, जबकि बीजेपी को 65 वोट मिले, कांग्रेस को 35 वोट मिले। कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग हुई। चार में से दो निर्दलीय उम्मीदवार पहले ही भाजपा को समर्थन दे चुके थे। कांग्रेस के पास 39 पार्षद है। 39 पार्षद होने के बाद भी कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी को 35 मत ही मिले।
जयपुर में भाजपा को बड़ी जीत
बीजेपी के सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए मेयर बन गए हैं। मेयर पद के लिए सुनील कोठारी 89 वोट मिले है। वहीं, कांग्रेस की सुनीता मावर को 60 वोट मिले है। कोठारी को पार्टी के पार्षदों के अलावा 11 अन्य वोट मिले और वे बहुमत का आंकड़ा पार जीते। खास बात ये की माइनॉरिटी का एक वोट जो आईएमआईएम का था वो नोटा में चला गया मतलब एक तरह से भाजपा को ही सपोर्ट मिला। एक पार्षद ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को नकारते हुए नोटा के पक्ष में मतदान किया। बीजेपी को 11 निर्दलीय पार्षदों ने समर्थन दिया, जबकि कांग्रेस को तीन निर्दलीय उम्मीदवारों का वोट मिला।
जोधपुर में फंस गया था पेंच, भाजपा को मिली जीत
जोधपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के प्रसंग चंद मेहता 53 वोट लेकर विजयी हुए। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी को 6 वोटों से शिकस्त दी। जोधपुर नगर निगम के चुनाव के जो परिणाम सामने आए थे उसके अनुसार भाजपा ने 45 सीटों पर जीत दर्ज की थी वहीं कांग्रेस ने 44 सीट पर जीत दर्ज की। एक सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल के प्रत्याशी ने जीत हासिल की। वहीं 10 निर्दलीय पार्षदों ने जीत हासिल की थी।
ऐसे में जोधपुर नगर निगम के बोर्ड बनाने को लेकर पेंच फंस गया था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही सात पार्षदों को अपने पाले में ले लिया। इसके बाद कांग्रेस के लिए मेयर बनाना बहुत मुश्किल हो गया। जो 10 निर्दलीय पार्षद जीते उनमें से 6 कांग्रेस के प्रत्याशी थे। जिन्हें कांग्रेस ने अपनी पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं निर्दलीय जीते हुए पार्षदों में चार भाजपा के बागी थे। आज जब मेयर पद पर चुनाव शुरू हुआ तो जोधपुर नगर निगम भाजपा की बस पहुंची जिसमें 52 पार्षद थे, वहीं कांग्रेस की बस में 47 थे, जबकि आरएलपी के विजय पार्षद और राजू भाटी अकेले निगम पहुंचे थे।
क्रॉस वोटिंग को लेकर पुख्ता जानकारी नहीं
जिस प्रकार से बाड़ेबंदी की गई थी और जिस प्रकार से बस में 52 पार्षदों को बीजेपी लेकर पहुंची थी लेकिन बीजेपी को 53 वोट मिले हैं। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि आरएलपी के राजू भाटी ने भाजपा के पक्ष में वोट दिया है और यदि ऐसा नहीं है तो कांग्रेस के खेमे से क्रॉस वोटिंग हुई है। हालांकि क्रॉस वोटिंग हुई है या नहीं, इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, क्योंकि आरएलपी ने भाजपा के पक्ष में वोट दिया है उसे क्रॉस वोटिंग नहीं कहा जा सकता है।
ये भी पढ़ें:
उदयपुर में डिप्टी मेयर पद पर BJP कैंडिडेट दिनेश भट्ट की बड़ी जीत, कांग्रेस को मिले मात्र 24 वोट