उदयपुर नगर निगम में उप महापौर के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी दिनेश भट्ट ने बड़ी जीत हासिल की है। खास बात यह रही कि उप महापौर दिनेश भट्ट को महापौर पद का चुनाव जीतने वाले पारस सिंघवी से एक वोट ज्यादा मिला। बता दें कि पारस सिंघवी को 55 वोट मिले थे और दिनेश भट्ट को 56 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के लक्ष्मी नारायण मेघवाल को मात्र 24 वोट मिले। सोमवार को महापौर के बाद मंगलवार को उप महापौर के लिए चुनाव हुआ।
मंगलवार सुबह उपमहापौर पद के लिए भाजपा की ओर से दिनेश भट्ट और कांग्रेस की ओर से लक्ष्मी नारायण मेघवाल ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन प्रक्रिया और पत्रों की जांच के बाद दोपहर 2 बजे बाद मतदान हुआ। मतदान के पूर्ण होने के बाद निर्वाचन विभाग ने मतगणना करने के बाद भाजपा के दिनेश भट्ट को उप महापौर घोषित किया।
बधाई देने वालों का लगा तांता
दिनेश भट्ट के उप महापौर बनने के बाद उनको बधाई देने वालो का तांता लग गया। नगर निगम पूर्ण बहुमत होने से भाजपा के प्रत्याशी का उप महापौर बनना पहले से ही तय था। निर्वाचन विभाग की और से घोषणा के बाद नगर निगम परिसर में दिनेश भट्ट और भाजपा के समर्थन में जोरदार नारे लगे। हालांकि नामांकन दाखिल करने से लेकर मतदान और मतगणना तक नगर निगम परिसर में हलचल रही।
महापौर के लिए जीत का था दावा
दिनेश भट्ट का नाम महापौर के लिए चला था और पारस सिंघवी के नाम की घोषणा से पूर्व दिनेश भट्ट के महापौर बनना लगभग तय था। लेकिन पार्टी ने अंतिम समय में पारस सिंघवी के नाम की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। इसके बाद जातीय समीकरण के अनुसार दिनेश भट्ट का उपमहापौर बनना तय हो गया था।
दिनेश भट्ट छह साल तक रहे हैं जिलाध्यक्ष
नवनिर्वाचित उप महापौर दिनेश भट्ट भाजपा से लम्बे समय से जुड़े रहे हैं और वे इससे पहले विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। दिनेश भट्ट शहर जिलाध्यक्ष का पद भी संभाल चुके है और उनकी पहचान साफ सुथरी छवि वाले नेताओं में आती हैं। ऐसे में पार्टी ने उन्हे उप महापौर बनाकर उनके द्वारा पार्टी के लिए किए गए कार्यों का पारितोषिक दिया है।
(उदयपुर, राजस्थान से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट)
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