राजस्थान के उदयपुर की ग्राम पंचायत बड़ी में सरपंच पदभार ग्रहण के दौरान अनूठी भक्ति की मिसाल देखने को मिली। यहां सरपंच की कुर्सी पर खुद सरपंच नहीं, बल्कि मेवाड़ के आराध्य देव भगवान श्री एकलिंगनाथ को विराजमान किया गया। सरपंच खुशबू कुंवर ने भगवान एकलिंगनाथ को ही पंचायत का असली राजा माना है। इस पहल के जरिए उन्होंने भगवान के प्रति अपनी आस्था जताने के साथ गांव में विकास, खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
हासिल की ऐतिहासिक जीत
दरअसल, बड़ी ग्राम पंचायत की नवनियुक्त सरपंच खुशबू कुंवर ने ऐतिहासिक 586 मतों से विजय हासिल की। सरपंच खुशबू कुंवर और उनके पति अजयवीर सिंह मेवाड़ के आराध्य देव भगवान एकलिंगनाथ के परम भक्त हैं। उन्होंने चुनाव के समय ही यह प्रण लिया था, जिसे 6 नवंबर, शुक्रवार को सरपंच पदभार ग्रहण समारोह के दौरान पूरा किया। इस मौके पर सरपंच खुशबू कुंवर ने अपनी कुर्सी पर मेवाड़ के आराध्य देव भगवान श्री एकलिंगनाथ की प्रतिमा को विराजमान किया।
सरपंच की कुर्सी पर विराजेंगे भगवान एकलिंगनाथ
नवनियुक्त सरपंच खुशबू कुंवर का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों तक सरपंच की कुर्सी पर भगवान एकलिंगनाथ ही विराजमान रहेंगे और उन्हीं के आशीर्वाद से पंचायत का संचालन होगा। सरपंच खुशबू कुंवर के अनुसार, वह स्वयं सेवक के रूप में पंचायत की जिम्मेदारी निभाएंगी, जबकि असली राजा भगवान एकलिंगनाथ होंगे। उन्हें विश्वास है कि भगवान एकलिंगनाथ के आशीर्वाद से ग्राम पंचायत में विकास, खुशहाली और समृद्धि आएगी।
श्रद्धालु की अनोखी भेंट बनी चर्चा का विषय
इससे पहले भक्ति और विश्वास का ऐसा ही एक नजारा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में देखने को मिला। जहां पर जिले के मंडफिया स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक श्रद्धालु की अनोखी भेंट चर्चा में है। एक श्रद्धालु ने हार्ट का ऑपरेशन सफल होने के बाद भगवान सांवलिया सेठ को 21 ग्राम सोने से बना दिल का मॉडल भेंट किया। जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जालौर निवासी इस श्रद्धालु को हार्ट से जुड़ी बीमारी थी। इलाज के दौरान उसने भगवान सांवलिया सेठ से स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। साथ ही मनोकामना पूरी होने पर भगवान को सोने का दिल भेंट करने का वादा किया था। जब उसका इलाज और ऑपरेशन सफल रहा तो उसने अपनी मन्नत पूरी की।
(रिपोर्ट - भगवान प्रजापत)
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