बांसवाड़ा: राजस्थान में मेयर और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर दिन भर सियासी सरगर्मी छाई रही। इस बीच बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद दिलचस्प तरीके से हुआ। गिनती के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों के वोट बराबर थे। इसके बाद सिक्का उछालकर अध्यक्ष पद का फैसला किया गया। सिक्का बीजेपी के पक्ष में गिरा और हितेश पड़ियार कुशलगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष चुन लिए गए।
दोनों उम्मीदवारों को 10-10 वोट मिले
अध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी के 10 पार्षदों और कांग्रेस के 10 पार्षदों ने मतदान किया। दोनों उम्मीदवारों को बराबर-बराबर 10-10 वोट मिले। अब ऐसे में बराबरी पर रिजल्ट अटक गया। फिर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई कि रिजल्ट तक पहुंचने के लिए क्या किया जाए। बराबरी की इस स्थिति में फैसला करने के लिए अधिकारियों ने सिक्का उछालने का विकल्प अपनाया।
सिक्का उछाल कर हुआ फैसला
जब सिक्का उछाला गया तो टॉस का रिज्लट बीजेपी के पक्ष में रहा। इसके साथ ही बीजेपी के हितेश पड़ियार को विजेता घोषित कर दिया गया। कुशलगढ़ नगर पालिका में अध्यक्ष पद का फैसला इस तरह सिक्का उछालकर होने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
खैरथल नगर परिषद में पर्ची निकाली गई
ऐसा ही एक मामला खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव का है। यहां सोमवार को उस समय बेहद रोमांचक स्थिति बन गई, जब भाजपा प्रत्याशी विक्रम सिंह चौधरी उर्फ विक्की चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा को बराबर 22-22 मत मिले। एक पार्षद वोटिंग के लिए उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबला बराबरी पर अटक गया। फिर निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार पर्ची के माध्यम से परिणाम तय करने की प्रक्रिया अपनाई।
बीजेपी ने नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में बाजी मारी
बता दें कि राजस्थान में सत्ताधारी बीजेपी ने नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव में बाजी मार ली। पार्टी 197 नगर निकायों में अपना अध्यक्ष बनाने में कामयाब रही। राजस्थान में 301 नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए हुए चुनाव के सोमवार तक घोषित परिणामों के अनुसार, 197 निकायों में भाजपा के और 94 निकायों में कांग्रेस के अध्यक्ष बने हैं। आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, सात नगर निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष बने हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने एक-एक नगर निकाय में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है।
राज्य में सोमवार को 273 नगर निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। इस चरण में जिन 305 नगर निकायों में बोर्ड का गठन हुआ है, उनमें से 32 के प्रमुख निर्विरोध चुने गए। निकाय प्रमुखों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पार्षद चुनावों की तुलना में काफी बेहतर रहा। पार्षद चुनावों में भाजपा ने 10,244 वार्ड में से 4,182 जीते थे। कांग्रेस ने 3,619 वार्ड और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्ड में जीत हासिल की थी।
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