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आयकर विभाग ने कुम्हार को भेजा 13.55 करोड़ का नोटिस, मटके बेचकर सालाना कमाता है 90 हजार

 Edited By: Avinash Rai
 Published : Apr 17, 2025 07:22 pm IST,  Updated : Apr 17, 2025 07:22 pm IST

आयकर विभाग ने राजस्थान के एक कुम्हार को 13.55 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा है, जबकि कुम्हार की सालाना कमाई 90 हजार रुपये है। इस मामले के सामने आने के बाद हर कोई दंग है।

Income Tax Department sent a notice of Rs 13 crore to the potter who earns 90 thousand annually by s- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

राजस्थान के कोटा से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक कुम्हारा को आयकर विभाग ने 13.55 करोड़ रुपये के लेनदेन के लिए नोटिस भेजा है। वास्तव में कुम्हार की सालाना कमाई 95 हजार रुपये हैं। बता दें कि कुम्हारा उस वक्त दंग रह गया जब उसे साल 2020-21 में 13.55 करोड़ रुपये के लेनदेन के लिए इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला। बता दें कि पूरा मामला बूंदी जिले के झालीजी के बराना गांव का है। यहां मटका बेचने का काम करने वाले विष्णु कमार प्रजापत को पता चला कि यह पूरा मामला संभवत: गलत पहचान का है, जिसके बाद कुम्हार ने धोखाधड़ी का केस पुलिस में दर्ज कराया। 

कुम्हार को मिला 13.55 करोड़ का नोटिस

पुलिस के मुताबिक, विष्णु कुमार के पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मुंबई स्थित एक फर्म ने कथित तौर प दो व्यावसायिक लेनदेन किया है। फर्म संभवत: इस लेनदेन के ट्रांजैक्शन से बचना चाहती थी। बता दें कि ईमेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से विष्णु को 11 मार्च को पहला नोटिस मिला, जिसमें आयकर विभाग ने कहा था कि उन्होंने वित्त वर्ष 2020-21 में 10.61 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया है, लेकिन उन्होंने इसके बदले कोई आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया। इस नोटिस में उन्हें 19 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया। 

पुलिस ने दर्ज किया केस

इसके बाद विष्णु प्रजापत को दूसरा नोटिस 30 मार्च को मिला, जिसमें उसी वित्त वर्ष में 3.83 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात कही गई थी। इसके बाद विष्णु प्रजापत ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वहां से उन्हें बूंदी साइबर पुलिस के पास भेजा गया, लेकिन उनकी शिकायत किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद विष्णु ने ली, जिसने कुछ छानबीन की तो पता चला कि प्रजापत के अधार, पैन और अन्य डॉक्यूमेंट्स का दुरुपयोग मुंबई में एक एकल स्वामित्व वाली कंपनी के जीएसटी पंजीकरण के लिए किया गया था। बता दें कि इस मामले में गेंडोली पुलिस थाने ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

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