Highlights
- पंचायत चुनाव से पहले गहलोत-पायलट ने कांग्रेस की एकजुटता का दिया बड़ा संदेश।
- गहलोत बोले, 'टिकट में नेता की पसंद नहीं, उम्मीदवार की जीतने की क्षमता देखें।'
- सचिन पायलट ने कहा, 'पंचायत चुनाव में कांग्रेस दर्ज करेगी निर्णायक जीत।'
जयपुर: राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव से पहले कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का संदेश दिया है। बुधवार को जयपुर में पार्टी की बैठकों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि पार्टी मिलकर चुनाव मैदान में उतरेगी। दोनों नेताओं ने मजबूत उम्मीदवार उतारने और मिलकर प्रचार अभियान चलाने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और इसी एकता को जिलों, ब्लॉक और गांवों तक ले जाया जाएगा।
गहलोत बोले, 'आज सब साथ और एकजुट हैं'
अशोक गहलोत ने कांग्रेस की एकता पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा,
'आप हमेशा पूछते हैं कि कांग्रेस में एकता है या नहीं। आज आपने देखा कि सभी लोग साथ और एकजुट हैं।'
गहलोत ने कहा कि पार्टी इस एकता को जिलों, ब्लॉक और गांवों तक लेकर जाएगी। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कांग्रेस राजस्थान में अगली सरकार बनाएगी। उन्होंने पंचायत चुनाव को पार्टी के लिए एकजुट होकर ताकत दिखाने का अहम मौका बताया।
पायलट बोले, 'मजबूत उम्मीदवार उतारेंगे'
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने पंचायत चुनाव मिलकर लड़ने का फैसला किया है। पार्टी एक समन्वित चुनाव अभियान चलाएगी और मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी। इनमें साफ छवि वाले युवा उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा। पायलट ने कहा कि पंचायत चुनाव 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में होने वाला आखिरी बड़ा चुनाव होगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इन चुनावों में निर्णायक जीत दर्ज करेगी।
गहलोत ने कहा, 'जीतने की क्षमता देखी जाए'
गहलोत ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिया जाना चाहिए जिनके जीतने की संभावना सबसे ज्यादा हो। उम्मीदवार किसी खास कांग्रेस नेता से जुड़े हैं या नहीं, इसे आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। गहलोत ने यह भी कहा कि वह किसी के टिकट की सिफारिश नहीं करेंगे, क्योंकि स्थानीय नेता अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों को बेहतर तरीके से जानते और उनकी चुनावी स्थिति का आकलन कर सकते हैं।
गहलोत ने BJP सरकार को दी चुनौती
कांग्रेस नेताओं ने हाल में हुए शहरी निकाय चुनावों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। गहलोत और पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पार्षदों को प्रभावित करने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया। गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान निर्वाचित प्रतिनिधियों को कैंपों में रखने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदम चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उठाए जाते हैं।
गहलोत ने वोट शेयर का भी दिया आंकड़ा
गहलोत ने हाल में हुए शहरी निकाय चुनावों के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर में केवल 0.94 प्रतिशत का अंतर रहा। उन्होंने दावा किया कि जयपुर और जोधपुर, दोनों जगह कांग्रेस करीब 15 हजार वोटों से आगे रही। गहलोत के मुताबिक, इन आंकड़ों से पता चलता है कि कांग्रेस की स्थिति कमजोर नहीं है और पार्टी पंचायत चुनाव में मजबूत प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरने की अपील की। बता दें कि राजस्थान में बजा पंचायत चुनाव के लिए 4 चरणों में वोटिंग होगी और 8 अक्टूबर से नामांकन शुरू हो जाएगा। (PTI से इनपुट्स के साथ)
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