Akshaya Tritiya Shubh Muhurat, Puja Vidhi Live: अक्षय तृतीया के पावन दिन पर शुभ कार्य किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भी भक्तों को इस दिन शुभ फलों की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन पुण्य फलों की प्राप्ति के लिए किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए, पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा, कौन सी कथा का पाठ अक्षय तृतीया के दिन करना शुभ होता है, ये सारी जानकारी आज आपको हमारे इस लेख में मिलेगी।
अक्षय तृतीया 2026 शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:48 ए एम से 05:33 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 05:10 ए एम से 06:18 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:12 पी एम से 01:03 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:44 पी एम से 03:35 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:56 पी एम से 07:19 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:57 पी एम से 08:05 पी एम
अक्षय तृतीया पूजा विधि (Akshaya Tritiya Puja Vidhi )
- अक्षय तृतीया के दिन आपको सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- इसके बाद पूजा स्थल की भी सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव पूजा स्थल पर करें।
- तत्पश्चात आपको माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा शुरू करनी चाहिए। याद रखें कि पूजा में सबसे पहले गणपति आराधना आपको करनी चाहिए।
- माता लक्ष्मी को कुमकुम और भगवान विष्णु को पीले चंदन का तिलक लगाएं।
- अब फूल, फल, धूप-दीप आदि दिखाकर पूजा शुरू करें।
- पूजा के दौरान माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें।
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी पूजा के दौरान आप कर सकते हैं और श्रीसूक्त का पाठ करना भी इस दिन शुभ माना जाता है।
- इसके बाद अक्षय तृतीया की व्रत कथा का पाठ करें।
- अंत में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आरती का पाठ आपको करनी चाहिए।
- इसी विधि से अक्षय तृतीया की शाम में भी आपको पूजा करनी चाहिए।