1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Gupt Navratri: 10 महाविद्याएं कौन-सी हैं, जिनकी गुप्त नवरात्रि में होती है पूजा

Gupt Navratri: 10 महाविद्याएं कौन-सी हैं, जिनकी गुप्त नवरात्रि में होती है पूजा

 Published : Jun 16, 2025 11:00 am IST,  Updated : Jun 16, 2025 11:00 am IST

गुप्त नवरात्रि के आरंभ होने की तिथि निकट आ रही हैं, ऐसे में काफी कम ही लोगों को पता होगा कि गुप्त नवरात्रि में किन-किन महाविद्याओं की पूजा की जाती है।

Gupt Navratri 2025- India TV Hindi
गुप्त नवरात्रि Image Source : SORA AI

26 जून से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, इसी दिन सुबह 05.25 बदे से 06.58 बजे के बीच घटस्थापना की जाएगी। इस दौरान मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं। ये अनुष्ठान शारदीय नवरात्रि की तरह ही मनाया जाता है। जानकारी दे दें कि साल में 4 नवरात्रि आती है, जिसमें से शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है। मगर मां दुर्गा की उपासना के लिए दो मौके ऐसे होते हैं, जिनमें गुप्त रूप से पूजा होती है, इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

यह 9 दिन भी व्रत और पूजन के होते हैं, जिसमें आत्मा की शुद्धि और देवी की कृपा पाने के लिए साधक को पूजा करनी होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे 10 महाविद्याएं कौन सी हैं, जिनकी इस दौरान पूजा की जाती है...

  • काली मां- यह मां पार्वती का उग्र रूप है, जो संसार से नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने वाली के रूप में जानी जाती हैं।
  • तारा देवी- मां तारा ज्ञान और मुक्ति की देवी हैं, जो अपने भक्तों के सभी दुख दूर कर देती है।
  • त्रिपुर सुंदरी- ये देवी मां सौंदर्य, समृद्धि और शक्ति की देवी हैं, जो सुंदरता और प्रेम की प्रतीक हैं।
  • भुवनेश्वरी देवी- यह देवी ब्रह्मांड की शासक हैं, जो सही जीवों का पोषण करती हैं और उनका ध्यान रखती हैं।
  • छिन्नमस्ता देवी- यह देवी आत्म त्याग और मुक्ति की देवी कही जाती है, जो अपने भक्तों को ज्ञान और शक्ति प्रदान करती हैं।
  • त्रिपुर भैरवी देवी- यह देवी भय और विनाश की देवी हैं, जो सभी प्रकार के भय से अपने भक्तों को मुक्ति दिलाती हैं।
  • धूमावती देवी- धूमावती देवी ज्ञान और रहस्य की प्रतीक हैं, ऐसा कहा जाता है कि एक बार मां पार्वती को बहुत भूख लगी तो उनका रूप धुएं जैसा हो गया और उन्होंने अपने साथ भ्रमण कर रहे भगवान शिव का ही भक्षण कर लिया। इसके बाद शिव जी के आराधना करने पर उन्हें अपने उदर से निकाला। इसके बाद शिव जी ने उन्हें श्राप दिया कि वे विधवा रूप में रहेंगी। इसलिए इस देवी की पूजा सुहागिन स्त्री नहीं करती हैं।
  • बगलामुखी देवी- बगलामुखी देवी शत्रुओं को वश में करने वाली देवी हैं, जो अपने भक्तों को सभी प्रकार के खतरों से बचाती हैं।
  • मातंगी देवी- यह देवी ज्ञान और कला की देवी मानी जाती हैं, जो संगीत, कला और साहित्य में निपुणता प्रदान करती हैं।
  • कमलात्मिका देवी- यह देवी धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी हैं, जो अपने भक्तों को धन और सुख प्रदान करती हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म