हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा भी बहुत अहम मानी जाती है। इस दिन स्नान-दान और दीपदान जैसे शुभ कार्य करने से जीवन में सुख-शांति आती है। पूर्णिमा की रात किए गए कुछ सरल उपाय आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा और तरक्की के रास्ते भी खोल सकते हैं। तो चलिए जानते हैं जेठ पूर्णिमा की रात किए गए कौन से आसान उपायों से घर में बरकत और खुशहाली बनी रह सकती है।
कब है ज्येष्ठ पूर्णिमा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 29 जून को तड़के 3 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 30 जून की सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व 29 जून को मनाया जाएगा।
पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पूर्णिमा को पूजा-पाठ, व्रत और दान के लिए बेहद शुभ है। इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं, शाम के समय मां लक्ष्मी की आराधना और उन्हें प्रिय भोग अर्पित करें। इसके अलावा चंद्रदेव को अर्घ्य देने से मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय
- नदी में दीपदान: ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में दीपदान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक तनाव कम होता है और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- रसोई में जलाएं दीपक: घर की रसोई बरकत और अन्न का केंद्र मानी जाती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रसोई में घी का दीपक जलाने से देवी अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है। यह उपाय घर में धन-धान्य और खुशहाली बढ़ाने वाला माना जाता है।
- मुख्य द्वार का उपाय: पूर्णिमा की रात घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर दीपक जलाना भी शुभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मां लक्ष्मी का आगमन होता है और आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
- तुलसी के सामने जलाएं दीप: पूर्णिमा की सुबह स्नान के बाद तुलसी को जल अर्पित करें और उसके सामने घी का दीपक जलाकर आरती करें। मान्यता है कि इससे धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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