Magh Purnima 2026: आज माघ पूर्णिमा है। इस दिन स्नान-दान के साथ ही चंद्रमा की पूजा का खास महत्व है। तो यहां जानिए चंद्रोदय का समय। साथ ही जानें कि पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
Magh Purnima Shubh Muhurt, Aarti, Chandroday Live: माघ पूर्णिमा का पावन पर्व 1 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन दान-पुण्य के साथ ही माता लक्ष्मी और चंद्र देव की आराधना करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए, आइए जानते हैं।
Ravidas Jayanti 2026: हिंदू कैलेंडर अनुसार गुरु रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा के दिन उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि पर गुरु रविदास जी की जयंती मनाई जाती है। इस बार ये तिथि 1 फरवरी 2026 को पड़ रही है।
Magh Purnima 2026: हिंदू पंचांग में महीनों के नाम के आधार पर ही हर महीने की पूर्णिमा का नाम रखा गया है। जैसे चैत्र महीने की पूर्णिमा का नाम चैत्र पूर्णिमा, कार्तिक की पूर्णिमा का नाम कार्तिक पूर्णिमा, वैसे ही इस बार आने वाली माघी पूर्णिमा का नाम भी माघ महीने के आधार पर रखा गया है।
February Purnima 2026: फरवरी में माघ पूर्णिमा पड़ेगी। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस पूर्णिमा पर किये गये दान-पुण्य आदि धार्मिक कार्य शीघ्र ही फलित हो जाते हैं।
साल का पहला सुपरमून शनिवार (3 दिसंबर) को दिखाई देगा। इस दौरान चांद ज्यादा बड़ा और चमकीला दिखेगा, जानें भारत में कैसे और कब आप देख पाएंगे?
Paush Purnima 2026: शनिवार को पौष पूर्णिमा के साथ ही माघ मेले का आरंभ हो रहा है। पौष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।
3 January 2026 Ka Panchang: आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 3 जनवरी 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानें शनिवार का राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
Chandra Grahan 2026: जब भी कोई पूर्णिमा तिथि आने वाली होती है तब-तब चंद्र ग्रहण को लेकर सर्च शुरू हो जाती है। 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा मनाई जाएगी। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या इस दिन चंद्र ग्रहण लगेगा?
Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा के दिन को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। इस दिन कुछ शुभ कार्यों को करने से आपको पूरे साल अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।
Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा साल 2026 में जनवरी के पहले हफ्ते में मनाई जाएगी। इस दौरान व्रत, पवित्र नदियों में स्नान करने से और दान करने से शुभ फल मिलते हैं। साथ ही कुछ ऐसे कार्य भी हैं जो आपको पौष पूर्णिमा के दिन गलती से भी नहीं करना चाहिए। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।
Paush Purnima 2026 Date and Muhurat: पौष पूर्णिमा जनवरी में इस दिन मनाई जाएगी। पौष पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान-दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
Purnima 2026 Dates: भारतीय ज्योतिष और सनातन धर्मशास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को बहुत शुभ माना गया है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं में होता है, जिससे प्रकृति में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। जानिए 2026 में कुल कितनी पूर्णिमा तिथियां पड़ेंगी, जिनका आध्यात्मिक रूप से भी विशेष महत्व है।
Chandra Sadhna on Purnima: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का सबसे बड़ा रहस्य माना जाता है। 4 दिसंबर की पूर्णिमा पर गजकेसरी योग का शुभ संयोग बन रहा है। इस रात की गई सरल चंद्र साधना आपकी दो बड़ी मनोकामनाएं पूरी कर रखती है। मान्यता है कि शांत मन से चंद्र दर्शन कर इच्छा का संकल्प लेने पर वह तेजी से पूर्ण होती है।
Margashirsha Purnima Vrat Katha 2025: आज 4 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा है जिसे अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करते हैं। यहां हम आपको बताएंगे मार्गशीर्ष पूर्णिमा की व्रत कथा क्या है।
Margashirsha Purnima 2025: हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन इन गलतियों को करने से बचना चाहिए वरना आपका जीवन कष्टों से भर जाएगा।
4 December 2025 Ka Panchang: आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 4 दिसंबर 2025 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानें गुरुवार का राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
4 दिसंबर 2025 का दिन बेहद खास रहने वाला है क्योंकि इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा समेत दत्तात्रेय जयंती, अन्नपूर्णा जयंती और त्रिपुर भैरवी जयंती आदि त्योहार भी मनाए जाएंगे। इसके अलावा इस दिन सुबह 06:59 से दोपहर 02:54 बजे तक रवि योग भी रहेगा।
Margashirsha Purnima Vrat December 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का व्रत बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा की जाती है। इस व्रत में अन्न का सेवन नहीं करते हैं। चलिए आपको बताते हैं इस साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत किस दिन रखा जाएगा।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान-दान और पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही घर-परिवार पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। तो यहां जानिए कि साल 2025 की आखिरी पूर्णिमा कब है।
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