1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. सास को करवा चौथ पर बायना भेजते समय थाली में जरूर रखें ये चीजें, उपहारों की थाली में क्या-क्या होना चाहिए, जानें पूरी लिस्ट

सास को करवा चौथ पर बायना भेजते समय थाली में जरूर रखें ये चीजें, उपहारों की थाली में क्या-क्या होना चाहिए, जानें पूरी लिस्ट

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 28, 2026 11:45 pm IST,  Updated : Oct 28, 2026 11:45 pm IST

करवा चौथ पर सास को बायना देना कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा है। इसमें सुहाग की सामग्री से लेकर मिठाई, फल और शगुन तक शामिल किए जाते हैं। जानिए बायने की थाली तैयार करते समय किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

karwa chauth bayana samagri, करवा चौथ बायना सामग्री- India TV Hindi
करवा चौथ बायना सामग्री Image Source : PINTEREST

करवा चौथ पर व्रत, पूजा और चंद्र दर्शन के साथ सास को बायना देने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस बार 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ का व्रत रखा जा रहा है। अगर आप भी इस करवा चौथ पर बायना भेजने की तैयारी कर रही हैं, तो जानिए इसकी थाली में कौन-कौन सी चीजें रखी जा सकती हैं और इस रस्म का क्या महत्व है।

करवा चौथ पर क्या होता है बायना?

करवा चौथ पर बायना सास को सम्मान और स्नेह के प्रतीक के रूप में दिया जाने वाला उपहार है। कुछ परिवारों में इसे पूजा की थाली के साथ रखा जाता है, जबकि कुछ जगहों पर बायने के लिए अलग थाली तैयार की जाती है। इसमें रखी जाने वाली चीजें परिवार की परंपरा और क्षेत्रीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग हो सकती हैं।

बायने में रखें ये जरूरी सामान

  • बायने की थाली में साड़ी, ब्लाउज का कपड़ा, सूट या चुनरी रख सकती हैं। कुछ परंपराओं में लाल, पीले या नारंगी रंग के कपड़ों को प्राथमिकता दी जाती है
  • चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, काजल, कंघी, शीशा, लिपस्टिक और महावर जैसी शृंगारक सामग्री भी शामिल करें। 
  • अपनी सामर्थ्य के अनुसार पायल, बिछिया या कोई अन्य आभूषण भी भेंट करें। ।
  • बायने की थाली में मठरी, लड्डू, पेड़ा, घेवर या अन्य मिठाइयां रखी जा सकती हैं। 
  • इसके साथ मौसमी फल और नारियल भी शामिल करें। नारियल को शुभता का प्रतीक माना जाता है। 
  • परिवार की रीति के अनुसार पान का पत्ता, रोली, कुमकुम, फूल और रूमाल भी रख सकती हैं।

पूजा की सामग्री और शगुन

कुछ परिवारों में बायने के साथ करवा चौथ की पूजा से जुड़ी सामग्री भी दी जाती है। इसमें करवा, सींकें, पूजा कैलेंडर और चूरा-गट्टा जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा थाली में शगुन के रूप में कुछ रुपये रखना भी प्रचलित है। सा

बायना देने का क्या है महत्व?

बायना देने की रस्म को सास-बहू के रिश्ते में स्नेह, सम्मान और अपनापन जताने का माध्यम माना जाता है। बहू सास को उपहार देकर उनका आशीर्वाद लेती है और सास भी उसके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस रस्म में उपहार की कीमत से ज्यादा भावनाओं और पारिवारिक परंपरा का महत्व होता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 29 अक्टूबर की रात मिथुन में गोचर करेंगे चंद्रमा, वृषभ-सिंह सहित 4 राशियों को हो सकता है धन लाभ

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म।