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500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप के विवाद पर एक्टिविस्ट मनोज जारांगे का बयान, कहा- "हमें बलि का बकरा न बनाएं"

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Oct 28, 2026 10:49 pm IST,  Updated : Oct 28, 2026 11:05 pm IST

500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप के विवाद पर एक्टिविस्ट मनोज जारांगे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है, "हमें बलि का बकरा बनाकर अपने लोगों को बचाने की कोशिश न करें।"

Manoj Jarange- India TV Hindi
मनोज जारांगे Image Source : ANI

पुणे: 500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप के विवाद पर एक्टिविस्ट मनोज जारांगे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि सच सामने आएगा। हमने साफ कर दिया है कि हमने जो कुछ भी कहा है, वह सच है। अगर इसमें एकनाथ शिंदे का कोई हाथ नहीं है, तो उन्हें इसके लिए जिम्मेदार लोगों को नहीं बचाना चाहिए।"

जारांगे ने कहा, "राजनीतिक गठबंधन और सत्ता के समीकरण तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता सबसे अहम होती है और उनकी रक्षा की जानी चाहिए। दूसरी तरफ, अगर इसके पीछे बीजेपी है, तो वे भी जांच से बच नहीं पाएंगे।"

शिंदे और फडणवीस दोनों को इसकी पूरी गहराई से जांच करानी चाहिए: जारांगे

जारांगे ने कहा, "मेरी शुरुआती समझ यह है कि शायद देवेंद्र फडणवीस को इस बारे में पता ही न हो। हो सकता है कि किसी संगठन या इकाई ने पर्दे के पीछे से हमें बदनाम करने के लिए यह सब रचा हो। शिंदे और फडणवीस दोनों को इसकी पूरी गहराई से जांच करानी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं और इसे लगातार झूठ बताकर खारिज करते रहते हैं, तो लोग यही मानेंगे कि देवेंद्र फडणवीस ने ही यह सब रचा है।"

जारांगे ने कहा, "रही बात मेरे बारे में किए जा रहे बेतुके दावों की—जैसे कि मुझे अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र, अमेरिका और चीन के वित्तीय संकट, या बंदरगाह विकास जैसे मामलों की कोई तकनीकी जानकारी है—तो यह बिल्कुल हास्यास्पद है। मैं इतनी जटिल भाषा कैसे समझ सकता हूं या इस्तेमाल कर सकता हूं? वे मेरे मुंह में ऐसी जटिल राजनीतिक शब्दावली डालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मैं कभी इस्तेमाल नहीं करूंगा।"

हमें बलि का बकरा बनाकर अपने लोगों को बचाने की कोशिश न करें: जारांगे

जारांगे ने कहा, "कल, बीजेपी का एक प्रवक्ता भी इसी नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। आप लोग आपस में जो चाहें चर्चा करें, लेकिन हमें बलि का बकरा बनाकर अपने लोगों को बचाने की कोशिश न करें। मराठा समुदाय ने अपने वोटों से आपको सत्ता दी है। मुझे उम्मीद है कि इसकी पूरी और निष्पक्ष जांच होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो याद रखें कि 29 तारीख को हमारा सीधा टकराव आप लोगों से होगा।"

इससे पहले मनोज जारांगे उस वक्त चर्चा में रहे थे, जब उन्होंने ये ऐलान किया था कि '12 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो करेंगे मुंबई कूच'

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