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'12 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो करेंगे मुंबई कूच', मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे का बड़ा ऐलान

 Reported By: Sachin Chaudhary Written By: Vinay Trivedi
 Published : Aug 29, 2026 09:50 pm IST,  Updated : Aug 29, 2026 09:50 pm IST

मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र सरकार को 12 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया है। सवाल है कि गणेशोत्सव के समय अगर मराठा प्रदर्शनकारी मुंबई आए तो व्यवस्था कैसे संभाली जाएगी।

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मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को फिर दिया अल्टीमेटम। Image Source : PTI (फाइल फोटो)

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार को बड़ा अल्टीमेटम दिया है। मनोज जरांगे पाटील ने कहा है कि अगर 12 सितंबर तक मराठा समाज की मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो मराठा समाज मुंबई की ओर कूच करेगा। मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि सरकार आंदोलन की सीमा और दायरा कम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन “मराठों को कितना भी छिपाया जाए, मराठे दिखाई देंगे।”

लोगों को पता चले कि मराठा मुंबई क्यों आए?

मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र और मुंबई के मराठा समाज से अपील की कि आंदोलन के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुंबई में ऐसा माहौल बनाया जाए कि लोगों को यह समझ आए कि सरकार ने मराठा समाज के सवालों का समाधान नहीं किया, इसलिए मराठों को मुंबई आना पड़ा।

आंदोलन में नहीं होनी चाहिए आगजनी-पत्थरबाजी

जरांगे ने कहा कि मराठा समाज को टिकाऊ और पक्का आरक्षण कुणबी के जरिए ही मिल सकता है। उन्होंने SEBC, EWS, सारथी और कुणबी GR से जुड़े मुद्दों को भी मजबूती से उठाने की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिया कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उनके रहते आगजनी और पत्थरबाजी नहीं होनी चाहिए।

12 सितंबर को मुंबई आंदोलन की तारीख का ऐलान

मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से समाज के लोगों को बुलाकर 12 सितंबर को मुंबई आंदोलन की तारीख और आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। उन्होंने सरकार को 15 दिन का समय देते हुए कहा, “अगर सवाल हल नहीं हुए तो मैं मराठों को मुंबई से वापस नहीं ला सकूंगा और मैं भी वापस नहीं आऊंगा।” जरांगे ने ये भी कहा कि 29 अगस्त से 12 सितंबर तक रोज सुबह-शाम आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सरकार पर मांगें पूरी करने का दबाव बनाया जाएगा।

अपनाई जाएगी मुंबई को चारों तरफ से घेरने की रणनीति

मनोज जरांगे पाटील ने समर्थकों से बड़ी संख्या में मुंबई पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो मुंबई को चारों तरफ से घेरने की रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों के साथ मुंबई पहुंचने की भी बात कही। साथ ही, उन्होंने मुंबई के मराठा समाज से अपील की कि आंदोलनकारियों के लिए भोजन और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।

गणेशोत्सव के वक्त मराठा आए तो कैसे संभलेगी व्यवस्था?

इस पूरे आंदोलन के बीच एक और बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। 14 सितंबर से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है, जो करीब 11 दिनों तक चलेगा। ऐसे में अगर उसी दौरान बड़ी संख्या में मराठा आंदोलनकारी मुंबई पहुंचते हैं, तो शहर के गणेशोत्सव और आम जनजीवन पर इसका असर पड़ने की आशंका है। इससे पहले, 26 अगस्त को भी जरांगे ने चेतावनी देते हुए कहा था कि मुंबई में प्रदर्शन किया तो न ट्रेन चलेगी और ना प्लेन उड़ेंगे

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