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करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देते समय करें इन मंत्रों का जाप, सुहाग की सलामती के लिए ऐसे मांगें आशीर्वाद

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 27, 2026 11:51 pm IST,  Updated : Oct 27, 2026 11:51 pm IST

करवा चौथ पर चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दौरान चंद्र मंत्रों का जाप करने और मां पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। जानिए चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन से मंत्र पढ़ सकते हैं और उनका क्या अर्थ है।

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करवा चौथ चंद्रमा अर्घ्य मंत्र Image Source : PINTEREST

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा करती हैं। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन करके अर्घ्य देने और फिर व्रत खोलने की परंपरा है। चंद्रमा को जल अर्पित करते समय मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं चंद्रमा को अर्घ्य देते समय किन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

मां पार्वती का मंत्र

करवा चौथ पर माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। 29 अक्टूबर को यह पर्व मनाया जाएगा। देवी पार्वती को अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से पूजा जाता है। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप कर सकती हैं।

मंत्र: सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।

शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥

मंत्र का अर्थ: हे मां गौरी, आप सभी मंगल कार्यों का आधार और सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली हैं। मैं आपको नमन करती हूं। आप अपने शरण में आने वाले भक्तों की रक्षा करें और उन्हें आशीर्वाद दें।

मान्यता के अनुसार, करवा चौथ की शाम माता पार्वती की पूजा करते समय इस मंत्र का 11 बार जाप कर पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जा सकती है।

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये मंत्र

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन के बाद जल अर्पित करना व्रत की प्रमुख परंपरा है। इस दौरान चंद्रदेव का स्मरण करते हुए इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

पहला मंत्र: ॐ सोम सोमाय नमः। 

दूसरा मंत्र: ॐ चंद्राय नमः।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इन मंत्रों का 11 बार जाप किया जा सकता है। इसके बाद हाथ जोड़कर पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।

अर्घ्य देते समय रखें ध्यान

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय श्रद्धा और मन की एकाग्रता बनाए रखें। पूजा की विधि अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है। इस दिन चंद्रदेव और मां पार्वती की पूजा करके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की कामना की जाती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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