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Satuan Kab Hai 2026: सतुआन पर्व कब मनाया जाएगा 14 या 15 अप्रैल? नोट कर लें सही तारीख और मुहूर्त

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Apr 01, 2026 12:50 pm IST,  Updated : Apr 01, 2026 12:50 pm IST

Satuan Kab Hai 2026: सतुआन पर्व विशेष रूप से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में मनाया जाता है। जब सूर्य देव मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब सतुआन मनाया जाता है। चलिए जानते हैं इस साल ये त्योहार कब मनाया जाएगा।

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सतुआन कब है 2026 Image Source : CANVA

Satuan Kab Hai 2026: सतुआन पर्व को सतुआनी या सतुआ संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से भीषण गर्मी की शुरुआत और नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले आहार सत्तू को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, इसलिए ही इस पर्व को सतुआन कहा जाता है। चलिए जानते हैं इस साल सतुआन कब मनाया जाएगा और इसका महत्व क्या है।

सतुआन 2026 डेट और मुहूर्त (Satuan 2026 Date And Time)

सतुआन का त्योहार इस साल 14 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त सुबह 05:57 से दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा।

सतुआन का महत्व (Satuan ka Mahatva)

सतुआन पर्व मेष संक्रांति के दिन मनाया जाता है। इस दिन खरमास का समापन हो जाता है और शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। इस त्योहार के जरिए लोग गर्मी के मौसम के लिए तैयार होते हैं। इस दिन ठंडी तासीर वाली चीजों जैसे सत्तू, कच्चे आम, मूली और गुड़ का सेवन किया जाता है। 

सतुआन पर क्या करते हैं (Satuan Par Kya Karte Hain)

  • इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।
  • इसके बाद अपने घर को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है।
  • इस दिन सत्तू, गुड़, कच्चे आम, मुली और अन्य मौसमी फलों का सेवन किया जाता है।
  • भगवान को भी सतुआन पर सत्तू और अन्य ठंडी तासीर वाली चीजों का भोग लगाया जाता है।
  • इस दिन सूर्य देव के मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए।
  • इसके साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए।
  • इस दिन विशेष रूप से सत्तू, जल से भरा घड़ा, पंखा, गुड़ और मौसमी फलों का दान शुभ माना जाता है।
  • इस दिन लोग भगवान सूर्य देव से अच्छी फसल और समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।
  • इस पर्व पर कई जगहों पर मिट्टी के घड़े की पूजा की जाती है और घड़े में पानी भरकर उस पर सत्तू, गुड़ और पंखा रखकर दान किया जाता है।
  • इसके अलावा कई लोग इस दिन भगवान विष्णु को सत्तू का भोग लगाते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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