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सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ, सालों बाद बन रहा है ये दुर्लभ संयोग, जानिए क्यों रहेगा खास

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jul 23, 2026 05:39 pm IST,  Updated : Jul 23, 2026 05:39 pm IST

सावन 2026 शिव के भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस बार 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का दुर्लभ संयोग बन रहा है। करीब 20 साल बाद बन रहे इस शुभ योग को बहुत फलदायी माना जा रहा है। आइए जानते हैं क्यों यह दिन खास है।

sawan somwar 2026- India TV Hindi
सावन का तीसरा सोमवार रहेगा बेहद शुभ Image Source : PINTEREST

सावन महीने का शिव भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। साल 2026 में 17 अगस्त का दिन बेहद विशेष रहेगा। इस दिन सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी पर्व एक साथ पड़ रहे हैं। 20 साल से भी ज्यादा अंतराल के बाद बन रहे इस दुर्लभ संयोग को अत्यंत शुभ माना जा रहा है। ऐसे में धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह तिथि बहुत ही शुभ मानी जा रही है। जानिए क्यों यह दिन विशेष फलदायी माना गया है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।

सावन 2026 में कब-कब पड़ेंगे सोमवार

इस साल 30 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है। इस बार सावन इसलिए भी खास है, क्योंकि दो दशकों बाद बेहद शुभ संयोग बन रहा है। यह पूरा महीना शिव पूजा के लिए खास होता है, लेकिन सावन सोमवार और नाग पंचमी का दिन श्रेष्ठ माना जाता है। जानिए इस बार सावन में कितने सोमवार पड़ेंगे

  • 3 अगस्त- पहला सावन सोमवार
  • 10 अगस्त- दूसरा सावन सोमवार
  • 17 अगस्त- तीसरा सावन सोमवार
  • 24 अगस्त- चौथा सावन सोमवार

पहला संयोग: तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ

17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक साथ हैं। जानकारी के मुताबिक यह दुर्लभ संयोग इससे पहले 2003 में बना था। नाग देवता शिव जी के प्रिय गण माने जाते हैं। उनकी पूजा से महादेव बेहद प्रसन्न होते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद नाग देवता की पूजा करें, उन्हें दूध के बजाय हल्दी, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। 

दूसरा संयोग: सिंह संक्रांति का भी बनेगा शुभ योग

इस दिन सूर्य भी सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सावन सोमवार और नाग पंचमी के साथ इस दिन सिंह संक्रांति भी मनाई जाएगी। ऐसे में संक्रांति पर सूर्य और सोमवार को चंद्रमा की पूजा का खास संयोग बन रहा है।

ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों है महत्वपूर्ण

ज्योतिष में जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, नाग दोष या राहु-केतु से जुड़े दोष हों, उनके लिए यह दिन विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और नाग पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश आध्यात्मिक साधना, आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा को मजबूत करने वाला शुभ संयोग है। ऐसे में यह दोनों की शुभ अवसर एक ही दिन पड़ने से यह तिथि और भी खास मानी जा रही है। 

नाग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि 16 अगस्त को शाम 4 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 17 अगस्त को शाम 5 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा। 

इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 51 मिनट से सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस तरह श्रद्धालुओं को पूजा के लिए करीब 2 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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