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Shiv Ji Ki Aarti: सावन शिवरात्रि पर खूब बरसेगी शिव जी की कृपा, अगर सच्चे मन से कर लेंगे ये महाआरती

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Jul 23, 2025 08:46 am IST,  Updated : Jul 23, 2025 08:49 am IST

Shiv Ji Ki Aarti: सावन शिवरात्रि के दिन भक्त भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। लेकिन एक चीज के बिना इस दिन की पूजा अधूरी मानी जाती है वो चीज है शिव की महाआरती। कहते हैं इस दिन शिव जी की आरती जरूर करनी चाहिए। यहां आप देखेंगे ओम जय शिव ओंकारा आरती के लिरिक्स।

Sawan Shivratri Aarti- India TV Hindi
सावन शिवरात्रि स्पेशल आरती Image Source : ISTOCK

Om Jai Shiv Omkara Aarti Lyrics: ओम जय शिव ओमकारा स्वामी जय शिव ओमकार, ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा...यह आरती भगवान शिव को समर्पित है। इसलिए शिव शंकर भगवान की पूजा में इस आरती को जरूर शामिल किया जाता है। सावन के महीने में कई भक्त सुबह-शाम इस आरती को गाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से इस आरती का गान करता है उसे भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन शिवरात्रि की पूजा में इस आरती को जरूर किया जाता है।

शिवजी की आरती | Om Jai Shiv Omkara Aarti Lyrics 

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ओम जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥

ओम जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥

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