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6 April 2026 Ka Panchang: सोमवार को मनाई जाएगी अनुसुइया जयंती, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय

 Written By: Astrologer Chirag Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Apr 05, 2026 01:18 pm IST,  Updated : Apr 05, 2026 01:18 pm IST

6 April 2026 Ka Panchang: 6 अप्रैल को वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और सोमवार का दिन है। चतुर्थी तिथि सोमवार दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 6 अप्रैल 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानेंगे राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

सोमवार का पंचांग- India TV Hindi
सोमवार का पंचांग Image Source : INDIA TV

6 April 2026 Ka Panchang: 6 अप्रैल को वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और सोमवार का दिन है। चतुर्थी तिथि सोमवार दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। 6 अप्रैल को दोपहर बाद 3 बजकर 25 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। साथ ही  सोमवार देर रात 2 बजकर 57 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 6 अप्रैल को माता अनुसुइया की जयंती मनाई जाएगी। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं 6 अप्रैल, सोमवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

6 अप्रैल 2026 का पंचांग (6 April 2026 Ka Panchang)

  • वैशाख कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि - 6 अप्रैल 2026 को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक
  • सिद्धि योग- 6 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक
  • अनुराधा नक्षत्र- 6 अप्रैल को देर रात 2 बजकर 57 मिनट तक
  • 6 अप्रैल 2026 व्रत-त्यौहार- माता अनुसुइया जयंती

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- सुबह 07:40 से सुबह 09:15 तक
  • मुंबई- सुबह 08:02 से सुबह 09:35 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 07:41 से सुबह 09:16 तक
  • लखनऊ- सुबह 07:27 से सुबह 09:01 तक
  • भोपाल- सुबह 07:42 से सुबह 09:15 तक
  • कोलकाता- सुबह 06:59 से सुबह 08:32 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 08:01 से सुबह 09:35 तक
  • चेन्नई- सुबह 07:34 से सुबह 09:07 तक 

सूर्योस्त-सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय-सुबह 6:03 AM
  • सूर्यास्त- शाम 6:41 PM

माता अनुसुइया की जयंती

माता अनुसुइया, ऋषि अत्रि की पत्नी, कर्दम ऋषि व देवहूति की पुत्री और त्रिदेव यानि ब्रम्हा ,विष्णु ,महेश की माता थी जो अपनी भक्ति, सतीत्व, पतिव्रता और पवित्रता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने सतीत्व व तपस्या के बल और तेज से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को शिशु रूप में परिवर्तित कर दिया था। माता अनुसुइया का विशेष मेला और जयंती कार्यक्रम उत्तराखंड के चमोली में सती अनुसुइया आश्रम में मनाया जाता है, जो अत्रि ऋषि की तपस्थली भी है।

माता अनुसुइया का जन्मदिवस पूरे हर्षो उल्लास के साथ खास तौर पर सती अनुसुइया आश्रम और चित्रकूट आदि के मंदिरों में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सती अनुसुइया और महर्षि अत्रि की पूजा करती हैं। वे अपने पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से घर में समृद्धि आती है और पति का स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है, साथ ही आश्रमों में विशेष भजन, कीर्तन और मेलों का आयोजन होता है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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