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7 अक्टूबर 2026 का पंचांग: बुधवार को किया जाएगा द्वादशी तिथि का श्राद्ध, जान लें शुभ-मुहूर्त और राहुकाल का समय

 Written By: Acharya Indu Prakash,  Edited By: Naveen Khantwal
 Published : Oct 06, 2026 04:34 pm IST,  Updated : Oct 06, 2026 04:42 pm IST

बुधवार के दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी और साथ ही इस दिन द्वादशी तिथि का श्राद्ध भी किया जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

Panchang- India TV Hindi
पंचांग Image Source : CANVA

आज आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है और आज के दिन चंद्रमा केतु के नक्षत्र मघा में रहेंगे। इसके साथ ही बुधवार 7 अक्टूबर के दिन द्वादशी तिथि पर दिवंगत हुए लोगों का श्राद्ध किया जाएगा और साथ ही घर के संन्यासी पूर्वजों का श्राद्ध भी इसी दिन होगा। आज के दिन शुभ नामक योग भी रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। 

7 अक्टूबर 2026 का पंचांग

  • आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि- 7 अक्टूबर 2026 को रात 11 बजकर 17 मिनट तक रहेगी
  • शुभ योग- 7 अक्टूबर 2026 को देर रात 2 बजकर 52 मिनट तक
  • मघा नक्षत्र- 7 अक्टूबर को रात 9 बजकर 41 मिनट तक
  • 7 अक्टूबर 2026 विशेष- द्वादशी तिथि श्राद्ध

7 अक्टूबर 2026 शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 ए एम से 05:42 ए एम तक
  • प्रातः सन्ध्या- 05:18 ए एम से 06:30 ए एम तक
  • विजय मुहूर्त- 02:25 पी एम से 03:12 पी एम तक
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:22 पी एम से 06:46 पी एम तक
  • कुतुप मुहूर्त - 11:45 ए एम से 12:31 पी एम तक

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर 12:09 से दोपहर 01:37 तक
  • मुंबई- दोपहर 12:26 से दोपहर 01:55 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर 12:11 से दोपहर 01:38 तक
  • लखनऊ- दोपहर पहले 11:54 से दोपहर 01:22 तक
  • भोपाल- दोपहर 12:08 से दोपहर 01:36 तक
  • कोलकाता- दोपहर पहले 11:24 से दोपहर 12:53 तक
  • अहमदाबाद- दोपहर 12:27 से दोपहर 01:56 तक
  • चेन्नई- दोपहर पहले 11:57 से दोपहर 01:26 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 06:16 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 06:00 बजे

द्वादशी तिथि श्राद्ध का महत्व

द्वादशी तिथि के श्राद्ध को मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तर्पण और पिंडदान करने से दिवंगत आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस दिन उन पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है जिन्होंने अपने जीवनकाल में संन्यास ले लिया था। इस दिन अगर आप पितृ मंत्रों का जप करते हैं या पितृ स्तोत्र का पाठ करते हैं तो आपके पितरों की आत्मा को शांति भी प्राप्त हो सकती है। इस दिन किए गए श्राद्ध से घर में सुख-शांति और संपन्नता आती है। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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