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Chhoti Diwali 2026 Date: छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी 7 या 8 नवंबर? नोट कर लें सही डेट और पूजा मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Nov 02, 2026 05:39 pm IST,  Updated : Nov 02, 2026 05:39 pm IST

छोटी दिवाली का त्योहार दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाता है। छोटी दिवाली के दिन भगवान कृष्ण और यम देवता की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन यम देव के नाम पर दीया जलाने से अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है। तो आइए जानते हैं कि छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी।

छोटी दिवाली 2026- India TV Hindi
छोटी दिवाली 2026 Image Source : PEXELS

हर साल दीपावली से एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन यम देवता की पूजा और दीप दान का विधान है। इसके अलावा छोटी दिवाली के दिन यम देवता के अलावा  भगवान कृष्ण की भी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  छोटी दिवाली के दिन ऐसा करने से नरक में मिलने वाली यातनाओं, सभी पाप से मुक्ति मिलती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) 2026 कब है? 

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि का समापन 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर होगा। इस साल छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी 7 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।

छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)  मुहूर्त 2026

नरक चतुर्दशी पर अभ्यङ्ग स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। जिसका शुभ मुहूर्त 8 नवंबर 2026 की सुबह 05:41 से 06:38 बजे तक रहेगा।  वहीं नरक चतुर्दशी के दिन चंद्रोदय का समय शाम 5 बजकर 41 मिनट रहेगा। वहीं दीपदान के लिए गोधूलि और सायाह्न संध्या मुहूर्त उत्तम रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से शाम 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।  सायाह्न संध्या मुहूर्त  शाम 5 बजकर 31 मिनट से शाम 6 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

 

नरक चतुर्दशी से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नरकासुर नामक राक्षस था जिसने अपनी शक्ति के बल पर 16 हजार स्त्रियों को बंदी बना लिया था। नरकासुर के आतंक और अत्याचार से परेशान होकर देवताओं और ऋषि मुनियों ने भगवान कृष्ण से मदद की गुहार लगाई। तब भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध कर देवताओं और संतों को उसके अत्याचार से मुक्ति दिलाई। श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करने के बाद उन 16 हजार स्त्रियों को नराकसुर की कैद से मुक्त कराया था। इस खुशी में लोगों ने दीप जलाएं और नरकासुर के अंत की खुशी मनाई। इस कारण तब से छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी कहा जाने लगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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