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क्या सिर्फ महिलाएं ही रख सकती हैं शुक्रवार का व्रत? जानिए कौन-कौन रख सकता है ये उपवास और क्या है नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jun 04, 2026 06:01 pm IST,  Updated : Jun 04, 2026 06:28 pm IST

Shukrawar Vrat Niyam: शुक्रवार को किया जाने वाला वैभव लक्ष्मी व्रत धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है। आपने अक्सर केवल महिलाओं को ये व्रत करते हुए देखा होगा, तो क्या यह व्रत केवल महिलाओं तक ही सीमित है? चलिए जानते हैं कौन-कौन ये उपवास रख सकता है, इसके करने के नियम और पूजा विधि क्या है।

Shukrawar Vrat Niyam- India TV Hindi
शुक्रवार वैभव ल्क्षमी व्रत के नियम Image Source : FILE IMAGE

Shukrawar Vaibhav Laxmi Vrat Ke Niyam: सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी और मां संतोषी की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। आज हम बात कर रहे हैं वैभव लक्ष्मी व्रत के बारे में। कहते हैं कि पूरी श्रद्धा और नियम से किया गया शुक्रवार व्रत सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता देता है। कई लोग यह व्रत कर तो लेते हैं, लेकिन इसकी सही जानकारी नहीं होती। इसके कारण लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। वहीं, बहुत सी महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह उपवास करती है, तो क्या सिर्फ महिलाएं ही शु्क्रवार का व्रत रख सकती हैं। चलिए जानते हैं इस व्रत का महत्व, पूजा विधि और इससे जुड़े जरूरी नियम। 

क्यों रखा जाता है शुक्रवार का व्रत?

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। माना जाता है कि नियमपूर्वक किया गया यह व्रत धन संबंधी परेशानियां दूर करने, परिवारिक सुख-शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली की कामना के साथ यह व्रत रखते हैं।

क्या सिर्फ महिलाएं ही करती हैं शुक्रवार का व्रत?

अक्सर यह देखने में आती है कि महिलाएं शुक्रवार का व्रत रखती हैं, लेकिन धर्म शास्त्रों में ऐसा कोई अनिवार्यता नहीं बताई गई है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही यह व्रत कर सकते हैं। छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी भी करियर, व्यवसाय और आर्थिक स्थिरता की कामना के लिए यह व्रत रखते हैं। 

ऐसे करें वैभव लक्ष्मी व्रत की शुरुआत

शुक्रवार का व्रत किसी भी शुभ शुक्रवार से शुरू किया जा सकता है। इसके लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। पूजा के दौरान सफेद या गुलाबी फूल अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर माता का ध्यान करें और अपनी मनोकामना व्यक्त करें।

शाम की पूजा के लिए रखें ये तैयारी

  • शुक्रवार शाम की पूजा में फूल, दीपक, अगरबत्ती, रोली, अक्षत, फल और मिश्री का उपयोग किया जाता है।
  • मां लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाया जाता है, जिसे आप घर में ही आसानी से तैयार कर सकते हैं।
  • पूजा के बाद लक्ष्मी मंत्र, श्रीसूक्त, लक्ष्मी चालीसा या वैभव लक्ष्मी व्रत की कथा का पाठ करना चाहिए, जिसके लिए मार्केट में किताब आसानी से उपलब्ध है।

व्रत के प्रमुख नियम

इस दिन सात्विक भोजन करना महत्वपूर्ण माना जाता है। 

कई लोग पूरे दिन उपवास रखकर शाम को एक बार भोजन करते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार ग्रहण करते हैं। 
इसके अलावा मन में सकारात्मकता बनाए रखना, क्रोध से बचना और किसी के प्रति गलत भावना न रखना भी व्रत के अहम नियमों में शामिल है।

व्रत की अवधि

धर्म ग्रंथों के अनुसार कई लोग लगातार 11, 16 या 21 शुक्रवार तक व्रत रखते हैं। मनोकामना पूरी होने पर उद्यापन किया जाता है। इस दौरान छोटी कन्याओं या सौभाग्यवती स्त्रियों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। व्रत की अवधि आप अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार भी तय कर सकते हैं।

वैभव लक्ष्मी व्रत के लाभ

मान्यता है कि शुक्रवार का व्रत करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है, आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। 
कई लोग इसे मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का माध्यम भी मानते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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