Gangaur 2026 Puja Samagri List (गणगौर पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा): गणगौर पूजा के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं और शुभ मुहूर्त में विधि विधान गणगौर की पूजा करती हैं। वैसे तो गणगौर पूजा का पर्व पूरे 18 दिन का होता है लेकिन इस पर्व का मुख्य दिन चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन होता है, जो इस बार 21 मार्च को है। इस दिन को बड़ी गणगौर के नाम से भी जाना जाता है। इस पूजा के लिए महिलाएं बालू और मिट्टी से शिव-पार्वती (ईसर-गौरा) की प्रतिमा का निर्माण करके उनका सम्पूर्ण श्रृंगार करती हैं। इसके बाद उनका विधि-विधान पूजन करते हुये लोकगीतों का गायन करती हैं। चलिए जानते हैं गणगौर पूजा में किन सामग्रियों की जरूरत पड़ेगी।
गणगौर पूजा सामग्री लिस्ट (Gangaur Puja Samagri List)
- लकड़ी की चौकी
- तांबे का कलश
- गणगौर माता की प्रतिमा
- दो मिट्टी के बर्तन
- मिट्टी के दीये
- काली मिट्टी या होली की राख
- कुमकुम
- चावल
- पूजा थाली
- फूल
- घास
- दो मिट्टी के कुंडे/गमले
- हल्दी
- मेहन्दी
- गुलाल
- अबीर
- मिठाई
- चावल
- मूंग
- माता की चुनरी
- काजल
- लाल या पीले रंग का कपड़ा
- घी
- आम के पत्ते
- पानी से भरा बर्तन
- पान के पत्ते
- बेताल और अशोक चले जाते हैं
- गणगौर के कपड़े
- गेहूं
- लकड़ी की टोकरी
- नारियल
गणगौर पूजा में गुने क्या होते हैं?
गणगौर पूजा के दिन महिलाएं मैदा, बेसन और आटे में हल्दी मिलाकर माता पार्वती के लिए गहने बनाती हैं। इन गहनों को गुने के नाम से जाना जाता है। कहते हैं गणगौर के दिन स्त्रियां जितने गुने माता पार्वती को अर्पित करती हैं उतना ही अधिक उनके परिवार का धन और वैभव बढ़ता है। पूजन की समाप्ति के बाद महिलायें ये गुने अपनी सास, ननद, देवरानी या फिर जेठानी को दे देती हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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