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Guru Margi: गुरु 4 फरवरी से चलेंगे मार्गी चाल, जानें सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आने वाला समय

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Naveen Khantwal
 Published : Feb 03, 2025 12:30 pm IST,  Updated : Feb 03, 2025 12:32 pm IST

Guru Margi: गुरु ग्रह 4 फरवरी से वृषभ राशि में मार्गी गति शुरू कर देंगे। गुरु का मार्गी होना किन राशियों के लिए अनुकूल और किन राशियों के लिए प्रतिकूल रहेगा, आइए जानते हैं।

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गुरु मार्गी 2025 Image Source : SOCIAL

Guru Margi: गुरु ग्रह 4 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर वृषभ राशि में मार्गी होंगे। याद दिला दूं कि इससे पहले बीते 1 मई 2024 को गुरु वृष राशि में प्रवेश किये थे और 9 अक्टूबर को वृष राशि में वक्री हो गये थे यानि उल्टी गति से गोचर करने लगे थे। तत्पश्चात आज दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर गुरु वृष राशि में मार्गी होंगे। यानि सीधी गति से गोचर करने लगेंगे और सीधी गति से गोचर करते हुये 14 मई की रात 10 बजकर 22 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश कर जायेंगे। बुध के मार्गी होने का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं।

मेष राशि- गुरु आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको धन का लाभ होगा।दान-धर्म आदि सेवा कार्यों में सहयोग देने से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।मिट्टी के काम से जुड़े लोगों को इस बीच अधिक लाभ मिलेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए- सवा किलो चने की दाल पीले कपड़े में बांधकर मंदिर में दान करें।

वृष राशि- गुरु आपके लग्न यानि पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। आपका गुड बिहेवियर आपको तरक्की की राह पर ले जायेगा।किसी मुकदमे या वाद-विवाद में अपने पिता या पिता समान किसी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए बेहतर होगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए-अपनी आमदनी में से कुछ हिस्सा निकालकर, भगवान का आशीर्वाद लेकर अपनी तिजोरी में संभालकर एक तरफ रख लें और उसे इस दौरान खर्च न करें।

मिथुन राशि- गुरु आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का सम्बन्ध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको शय्या सुख मिलेगा।आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस दौरान विद्या का लाभ भी आपको कम ही मिल पायेगा। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए- माथे पर केसर का तिलक लगाएं।अगर केसर उपलब्ध न हो तो हल्दी का तिलक लगाएं।

कर्क राशि- गुरु आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आप धार्मिक कार्यों में रुचि लेंगे।आपके पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान आपकी कोई इच्छा पूरी होगी।लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए- परिवार में जब भी किसी को आपकी जरूरत पड़े, तो उनकी मदद जरूर करें।

सिंह राशि- वालों गुरु आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का सम्बन्ध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको करियर में सफलता मिलेगी और आपके पिता की भी उन्नति होगी। सोने-चांदी या कपड़ा व्यापार से जुड़े लोगों को इस दौरान विशेष लाभ होगा। राजकीय कार्यों से भी आपको लाभ मिलेगा।लिहाजा गुरु के लाभ की स्थिति को बनाये रखने के लिए- अपना सिर ढक्कर रखें।अगर आप अपने सिर पर पगड़ी बांधते हैं, तो उस पर पीले केसर का तिलक भी लगाएं।

कन्या राशि- गुरु आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपके भाग्य में वृद्धि होगी। आपके पास पैसा आता-जाता रहेगा।स्वास्थ्य की बात करें तो इस बीच आपकी सेहत ठीक रहेगी।आप अपनी बात के पक्के रहेंगे और अपनी योग्यता के बल पर दूसरों के बीच लोकप्रिय होंगे। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए- प्रतिदिन मंदिर में जाकर माथा टेकें।

तुला राशि- गुरु आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का सम्बन्ध हमरे आयु से है । गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको सभी सांसारिक सुख का लाभ मिलेगा। आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।परिवार में सुख शांति का माहौल बना रहेगा।कार्यों में लोगों का सहयोग मिलेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल प्राप्त करने के लिए- जरूरतमंदों को कुछ न कुछ दान करते रहें।

वृश्चिक राशि- गुरु आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से परिवार की खुशियों के लिए आपको कोशिश करनी पड़ेगी। अगर आप किसी काम से यात्रा करने जा रहे हैं, तो आपकी यात्रा सुखद रहेगी।जीवनसाथी का आपको पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा।लिहाजा गुरु की अशुभ स्थिति से बचने के लिए- रत्तियाँ, जो सोना तोलने के काम आती हैं या लाल गुंजा के कुछ बीज लेकर, पीले कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें या घर में जहां पर आप सोना रखते हैं, वहां पर रख दें।

धनु राशि- वालों गुरु आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से मित्रों का साथ पाने में आपको कोशिश करनी पड़ेगी। साथ ही पिता और संतान से लाभ पाने के लिये आपको कोशिशें करनी पड़ सकती हैं। लिहाजा गुरु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए- छोटी कन्याओं को पीले रंग का कपडा भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें।

मकर राशि- गुरु आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के पांचवे स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको विद्या का लाभ मिलने में परेशानी आ सकती है, लेकिन गुरुजनों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा।संतान का सुख-सहयोग पाने के लिए आपको खुद से कोशिशें करनी पड़ेगी । काम के मामले में आपका विवेक बना रहेगा। लिहाजा गुरु के अशुभ फलों से बचने के लिए- श्री गणेश भगवान की उपासना करें और धार्मिक कामों के लिए अपना सहयोग देते रहें।

कुम्भ राशि- गुरु आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको भूमि-भवन और वाहन का सुख मिलेगा। साथ ही आपको माता का पूरा-पूरा सहयोग प्राप्त होगा।आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा। आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।आपको जीवन में हर प्रकार का सुख मिलेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल प्राप्त करने के लिए- अपने से बड़ों का आशीर्वाद लें और हो सके तो उन्हें कुछ गिफ्ट भी जरूर करें।

मीन राशि- गुरु आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे।जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है।गुरु के इस गोचर के प्रभाव से आपको यश की प्राप्ति होगी।धन का लाभ होगा, लेकिन आपके अधिकतर पैसे अपने दोस्तों में या इधर-उधर के कामों में खर्च हो जायेंगे। इस बीच आपको दूसरों के सामने अपनी बात रखने में थोड़ी हिचकिचाहट भी महसूस हो सकती है। लिहाजा गुरु के अशुभ फलों से बचने के लिए- माँ दुर्गा की पूजा करें । साथ ही छोटी कन्याओं का आशीर्वाद लें। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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