मंगल ग्रह 18 सितंबर को मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर कर जाएंगे। कर्क राशि में गुरु ग्रह पहले से ही विराजमान हैं इसलिए कर्क राशि में मंगल और गुरु के बीच युति होगी। ये दोनों ग्रह आपस में मित्र हैं इसलिए इन दोनों की युति को ज्योतिष में शुभ माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि जब भी किसी जातक की कुंडली में गुरु और मंगल युति करते हैं तो कैसे परिणाम व्यक्ति को जीवन में प्राप्त हो सकते हैं।
मंगल और गुरु की युति का फल
- गुरु को ज्योतिष में ज्ञान, विवेक और वैभव का कारक माना जाता है। वहीं मंगल ऊर्जा, नेतृत्व और साहस के कारक हैं। ऐसे में जब किसी जातक की कुंडली में गुरु-मंगल युति बनाते हैं तो व्यक्ति को ज्ञान और साहस दोनों प्राप्त होते हैं। जिस भी भाव में ये दोनों ग्रह बैठते हैं उस भाव से जुड़े शुभ परिणाम व्यक्ति को मिल सकते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति के चलते व्यक्ति ऊर्जावान और विवेक बनता है। ऐसे लोगों को सामाजिक स्तर पर भी ख्याति प्राप्त हो सकती है।
- गुरु और मंगल मित्रता का संबंध साझा करते हैं इसलिए जब भी ये दोनों कुंडली में एक साथ होते हैं तो व्यक्ति करियर और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। इन दोनों ग्रहों की युति के चलते व्यक्ति अपने दम पर जीवन में ऊंचा मुकाम प्राप्त कर सकता है।
- गुरु और मंगल की युति राशिचक्र की कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। इन राशियों में मेष, वृश्चिक, सिंह, धनु और मीन शामिल हैं। अगर आपकी राशि भी इन राशियों में से एक है और आपकी जन्म कुंडली में गुरु-मंगल की युति है तो समझ जाइए ये दोनों ग्रह आपको जीवन में शुभ परिणाम दे सकते हैं।
कर्क राशि में मंगल-गुरु की युति का फल
18 सितंबर को मंगल का गोचर कर्क राशि में होगा जिसके चलते गुरु-मंगल के बीच युति होगी। कर्क राशि में मंगल और गुरु की युति मिलेजुले परिणाम देने वाली होती है। इस राशि में गुरु-मंगल की युति के चलते व्यक्ति को धन लाभ मिल सकता है और करियर के क्षेत्र में भी शुभ परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि, ऐसे लोग बहुत संवेदनशील हो सकते हैं और छोटी-छोटी बातें इनको चुभ सकती हैं। इसके साथ ही क्रोध की अधिकता भी ऐसे लोगों में देखने को मिल सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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