1. Hindi News
  2. धर्म
  3. हरियाली अमावस्या कल, इस मुहूर्त में करें स्नान-दान, दूर होगा पितृ दोष और पूर्वजों का मिलेगा आशीर्वाद

हरियाली अमावस्या कल, इस मुहूर्त में करें स्नान-दान, दूर होगा पितृ दोष और पूर्वजों का मिलेगा आशीर्वाद

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Aug 11, 2026 05:05 pm IST,  Updated : Aug 11, 2026 05:05 pm IST

बुधवार को हरियाली अमावस्या है। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है। हरियाली अमावस्या के दिन स्नान-दान के साथ ही ये उपाय करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।

हरियाली अमावस्या 2026- India TV Hindi
हरियाली अमावस्या 2026 Image Source : FILE IMAGE

12 अगस्त 2026 हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान-दान करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता और पितृ दोष भी दूर होता है। तो आइए जानते हैं कि हरियाली अमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

हरियाली अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त

श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ रात 1 बजकर 54 मिनट पर होगा। अमावस्या तिथि का समापन रात 11 बजकर 7 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को मनाई जाएगी। हरियाली अमावस्यया के दिन स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। वहीं विजय मुहूर्त का आरंभ दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर होगा और समाप्त दोपहर 3 बजकर 43 मिनट पर होगा। हरियाली अमावस्या के दिन अभिजित मुहूर्त नहीं रहेगा। बता दें कि अमावस्या के दिन सूर्योदय के बाद पूरी सुबह स्नान, पूजन और दान-पुण्य के लिए शुभ मानी जाती है।

हरियाली अमावस्या के दिन करें ये काम, पितृ दोष होगा दूर

1. अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है तो हरियाली अमावस्या के दिन पितरों का पूजन और तर्पण जरूर करें। अमावस्या के दिन  तांबे के लौटे में जल भरकर उसमें गंगाजल, कच्चा दूध, तिल, जौ, दूब, शहद और फूल डालकर पितरों का तर्पण करें। तर्पण करते समय दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके हाथ में तिल और दूर्वा लेकर अंगूठे की ओर जलांजलि देते हुए पितरों को जल अर्पित करें।

2. पितरों की आत्मा की शांति के लिए हरियाली अमावस्या के दिन गरीब, जरूरतमंद या ब्राह्मणों को अन्न, काला तिल, छाता या वस्त्र का दान करें। इसके साथ ही गायों को हरा चारा खिलाएं और पक्षियों को दाना-पानी दें। अमावस्या के दिन ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

3. अमावस्या के दिन सुबह के समय पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। पीपल पर जल अर्पित करते समय पितरों का ध्यान करें और 7 बार पीपल पेड़ की परिक्रमा करें। इसके बाद अमावस्या के दिन शाम के समय पीपल पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय को करने से पितृ दोष दूर होता है और पूर्वज प्रसन्न होते हैं। बता दें कि जिस व्यक्ति से पूर्वज प्रसन्न होते हैं उनके घर में हमेशा, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहती है।

हरियाली अमावस्या का महत्व

सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है , इसलिए पुराणों में भी हरियाली अमावस्या को पर्यावरण संरक्षण के रूप में मनाने की परंपरा है। हमारी संस्कृति में वृक्षों को भगवान के रूप में पूजा जाता है। कहते हैं- हर वृक्ष में किसी न किसी देवता का वास होता है। जैसे पीपल के वृक्ष में तीनों महाशक्ति ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी का वास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को आज कोई न कोई पौधा आवश्य लगाना चाहिए। अगर हरियाली अमावस्या के दिन न लगा सके तो इस दिन से आने वाले आठ दिन तक कभी भी लगा लें। वहीं हरियाली अमावस्या के दिन शिव की पूजा करने से प्यार, पैसा और कामयाबी मिलती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

हरियाली अमावस्या पर चुपचाप कर लें पीपल और गोमती चक्र का यह गुप्त उपाय, बदल जाएगी किस्मत!

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।