भारत की कुंडली: नए साल 2026 में वैश्विक और राष्ट्रीय संबंधों पर ग्रह नक्षत्रों का कैसा प्रभाव रहेगा आज हम आपको इस बारे में जानकारी देंगे। इस समय हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण गोचर काल से गुजर रहें है। इस साल शनिदेव मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं जो विश्व स्तर पर लम्बे समय के लिए संघर्ष ,सीमाएं, प्रतिबंध और न्याय प्रक्रिया को सक्रिय कर रहे हैं, राहु कुंभ राशि में हैं, जो कि तकनीकी क्रांति, आकस्मिक घटनाएं, विदेशी प्रभाव और भ्रम पैदा कर रहा है। केतु सिंह राशि में है, जो अलगाव, आध्यात्मिक चिंतन, आपसी सामंजस्य और पुरानी व्यवस्थाओं से मुक्ति का संकेत दे रहा है। मंगल धनु राशि में गोचर कर रहा है (वर्तमान स्थिति के अनुसार), जो सैन्य गतिविधियों और धार्मिक-वैचारिक प्रचार प्रसार को बढ़ावा दे रहा है। गुरु मिथुन राशि में है, जो संचार, व्यापार, बौद्धिक गतिविधियों और कूटनीति को प्रभावित कर रहा है।
भारत की कुंडली
15 अगस्त 1947 की रात्रि को 12 बजे जब भारत देश आजाद हुआ तो उस समय स्थिर लग्न थी। इस समय भारत मंगल के प्रभाव से गुजर रहा है, जो 5 फरवरी तक जारी रहेगा। मंगल की ऊर्जा तेज, आक्रामक और उतार–चढ़ाव से भरी मानी जाती है, इसलिए उस दौरान देश के भीतर राजनीतिक और सामाजिक घटनाएं देखने को मिलेंगी। वैसे तो साल 2026 भारत के लिए शुभ फलदायक रहेगा। इस वर्ष भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी सफलता और तरक्की मिलने योग बनते नजर आ रहे है। साल 2026 में भारत ऊर्जा क्षेत्र में कुछ बड़ा करेगा। साथ ही साथ खेल की दुनिया और माइनिंग के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है। नए साल में तांबा और कुछ अन्य धातुओं के मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत अपना एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। साल 2026 में भारत एक सकारात्मक ऊर्जा के साथ बहुत तेजी से विकास करने वाला है।

साल 2026 में विज्ञान के क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण आविष्कार किए जायेंगे। अगर बात करें सैन्य क्षमताओं की तो भारत पिछले साल की अपेक्षा बेहतरीन स्थिति में होगा साथ ही साथ आने वाले सालों में भारत हथियार बनाने वाले अग्रणी देशों की श्रेणी में आ जायेगा। आम नागरिकों को साल 2026 में खास तौर से आर्थिक मामलों में सतर्क रहना होगा। इस वर्ष सोना और कृषि योग्य जमीन में निवेश करना सबसे सुरक्षित रहेगा।
भारत और अमेरिका संबंध
ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से भारत और अमेरिका के रिश्ते में मजबूती ,व्यापारिक समझौते, विश्वस्तरीय चुनौतियों पर सयुंक्त समाधान और कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। जिससे सिंह राशि के ग्रहण का असर अमेरिका की राजनीति और भारत से रिश्ते पर भी पड़ सकता है, जिससे अमेरिका में नेतृत्व और शक्ति संतुलन में बदलाव के शुभ संकेत हैं।
भारत और जापान संबंध
इस साल भारत और जापान के संबंध अत्यंत मजबूत, रणनीतिक और आर्थिक रूप से लाभकारी रहेंगे। विशेष रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत जापान द्वारा भारत में भारी निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की प्रबल संभावना है। साल 2026 में भारत और जापान के बीच विश्वास और सहयोग का एक नया रिश्ता कायम होगा, जो दोनों देशों की विकास दर को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है।
भारत और चीन संबंध
साल 2026 में 13 मार्च से 11 जुलाई 2026 के बीच कालसर्प योग और शनि-राहु की स्थिति के कारण दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव के आसार हैं। इस साल शनि, राहु, और मंगल की स्थितियों के कारण, भारत को अपनी विदेश नीतियों के मामले में चीन के साथ सतर्क रहने की प्रबल आवश्यकता होगी। साथ ही भारत चीन सीमा पर सुरक्षा और मजबूत करना जरूरी रहेगा।
भारत और रूस संबंध
साल 2026 में भारत का रूस के साथ संबंध अत्यधिक मजबूत, स्थिर और रणनीतिक रूप से और बेहतर होने की संभावना है। रूस अपने सबसे भरोसे मंद सहयोगी भारत से अपने रिश्ते में तालमेल बढ़ाएगा, जिससे व्यापार और सुरक्षा सहयोग के मुद्दे पर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है । इस वर्ष भारत ,रूस के साथ सुरक्षा और ऊर्जा (परमाणु और कच्चे तेल) के क्षेत्रों में संबंधों प्रत्यक्ष तौर पर नयी गति से आगे बढ़ाएगा।
भारत और यूरोप संबंध
अब बात करते है भारत और यूरोप के रिश्ते के बारे में साल 2026 में भारत और यूरोप के संबंध मजबूत, रणनीतिक और व्यापारिक रूप से विकासशील रहने की संभावना है। भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग के नए आयाम स्थापित होंगे, जिसमें भारत का यूरोपीय देशों के साथ संबंध विशेष रूप से मजबूत होगा।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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