1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Janmasthami Krishna Bhajan lyrics: श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...जन्माष्टमी पर्व को खास बना देंगे भगवान कृष्ण के ये लोकप्रिय भजन

Janmasthami Krishna Bhajan lyrics: श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...जन्माष्टमी पर्व को खास बना देंगे भगवान कृष्ण के ये लोकप्रिय भजन

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Aug 14, 2025 08:00 am IST,  Updated : Aug 16, 2025 11:41 pm IST

Janmasthami Krishna Bhajan lyrics (कृष्ण भगवान के भजन): जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 16 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पावन पर्व को खास बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं भगवान कृष्ण के सुपरहिट भजन। इन भजनों को सुनने से आपका मन भक्तिमय हो जाएगा।

Janmashtami Bhajan- India TV Hindi
जन्माष्टमी के भजन Image Source : FREEPIK

Janmasthami Krishna Bhajan lyrics (कृष्ण भगवान के भजन)​: जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है जो भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। पंचांग अनुसार इस साल ये पर्व 16 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस त्योहार को हर कोई बड़े ही उत्साह और आनंद के साथ मनाता है। इस दिन भगवान कृष्ण के भजनों और गीतों को भी खूब सुना-सुनाया जाता है। यहां हम आपको बताएंगे जन्माष्टमी पर सुने जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सबसे पॉपुलर भजनों के बारे में।

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी (Shri Krishna Govind Hare Murari Lyrics)

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे,

तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
हे नाथ नारायण...॥
॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥
बंदी गृह के, तुम अवतारी
कही जन्मे, कही पले मुरारी
किसी के जाये, किसी के कहाये
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
बट गए दोनों में, आधे आधे
हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
वही गए वही, गए वही गए
जहाँ गए पुकारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
गीता में उपदेश सुनाया
धर्म युद्ध को धर्म बताया
कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
यह सन्देश तुम्ही से पाया
अमर है गीता के बोल सारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
पितु मात स्वामी सखा हमारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देवा
॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
हरी बोल, हरी बोल,
हरी बोल, हरी बोल ॥
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं (Achyutam Keshavam Krishna Damodaram)

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

अधरं मधुरं वदनं मधुरं (Madhurashtakam Adhram Madhuram Vadnam Madhuram)

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं ।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥

वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं ।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥

वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥

गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं ।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥४॥

करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरं ।
वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥५॥

गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा ।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥६॥

गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं।
दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥७॥

गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा ।
दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥८॥

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे, नजर ना लग जाए (Banke Bihari Tere Naina Kajrare Nazar Na Lag Jaye)

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥
मोर का मुकुट,
शीश पे शोभा पा रहा,
मुखड़े को देख के,
चाँद भी लजा रहा,
अधरों से छलके है,
रस की फुहारें,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥

तीखी कटारें,
दोनों नैनो में कजरा,
बाल है तिहारे जैसे,
सावन के बदरा,
गालों पे छाए,
कारे कारे घुंघरारे,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥

पतली कमर तेरी,
लचके कमाल की,
वारि वारि जाऊं तेरी,
मस्तानी चाल की,
करती पायलियां,
तेरी मीठी झनकारे,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥

रमण बचाऊं तोहे,
सबकी नज़र से,
आजा छिपा लूं तोहे,
नैनो के घर से,
सुन मेरे प्यारे,
इस दिल की पुकारें,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥

बांके बिहारी तेरे नैना कजरारे,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये,
नजर ना लग जाए,
ओये ओये ओये ॥

यह भी पढ़ें:

जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त

कृष्ण जन्माष्टमी मंत्र

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।