Ketu-Mangal Yuti: केतु और मंगल दोनों को ही ज्योतिष में क्रूर ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में जब भी ये दोनों ग्रह एक राशि में युति बनाते हैं तो कई तरह के परिवर्तन सभी राशियों के जीवन में देखने को मिल सकते हैं। मंगल-केतु की युति से कुजकेतु नामक विध्वंसक योग बनता है जिसे क्रोध, आक्रामकता और दुर्घटनाओं का कारण माना जाता है। मंगल ग्रह जब 7 जुलाई को सिंह राशि में गोचर करेंगे तो वहां केतु के साथ इनकी युति होगी और कुजकेतु योग बनेगा। कुजकेतु योग का प्रभाव आपके रिश्तों पर भी देखने को मिलता है। ऐसे में 7 जुलाई के बाद राशिचक्र की 3 राशियों के प्रेम और वैवाहिक जीवन पर इस योग का नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में।
सिंह राशि
केतु-मंगल की युति आपकी ही राशि में होगी और साथ ही आपके सप्तम भाव पर भी इन दोनों ग्रहों की दृष्टि होगी। सातवें भाव को विवाह और साझेदारी का कारक माना जाता है। इसलिए मंगल-केतु की युति के प्रभाव से आपके वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आपका उग्र स्वभाव पार्टनर को आपसे दूर कर सकता है। इस दौरान सुनी-सुनाई बातों में आकर पार्टनर पर शक करने से आपको बचना होगा। वहीं मानसिक समस्याओं का सामना भी इस राशि के कुछ जातकों को इस दौरान करना पड़ सकता है। सामाजिक स्तर पर बोलचाल के दौरान भी सावधानी बरतें, अन्यथा मानहानि हो सकती है। उपाय के तौर पर शिव जी की पूजा करें।
धनु राशि
मंगल और केतु ग्रह आपके प्रेम भाव में युति बनाएंगे। यह भाव प्रेम संबंधों को प्रभावित करने वाला माना जाता है। मंगल-केतु की युति पार्टनर के साथ गलतफहमियां पैदा कर सकती है। कुछ लोगों के प्रेम जीवन में इस दौरान अलगाव की स्थिति भी बनेगी, इसलिए संभलकर रहें। गलती से भी किसी तीसरे शख्स को रिश्तों के बीच न आने दें। संतान पक्ष को लेकर चिंताएं इस राशि के जातकों के मन में हो सकती हैं। सेहत का भी आपको ख्याल रखना होगा। उपाय के तौर पर पीले खाद्य पदार्थों और पीले वस्त्रों का दान करें।
कुंभ राशि
आपके सप्तम भाव में मंगल और केतु की युति होगी। इस युति के प्रभाव से सामाजिक स्तर पर मानहानि होने की आशंका है, इसलिए कोई भी ऐसा काम न करें जो नियमों के विरुद्ध हो। जीवनसाथी पर अपनी बातें थोपने से बचें, आपका ऐसा करना पार्टनर को आपसे दूर कर सकता है। पार्टनर के माता-पिता या भाई-बहन को लेकर आपके द्वारा कही कोई बात रिश्ते को तोड़ भी सकती है। कुंभ राशि के कुछ जातकों को स्वास्थ्य समस्याएं भी इस दौरान हो सकती हैं। उपाय के तौर पर आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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