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मां कूष्मांडा को क्यों प्रिय है नारंगी रंग? जानें मां दुर्गा के चौथे स्वरूप की पूजा में इसका धार्मिक महत्व और मान्यताएं

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 13, 2026 11:57 pm IST,  Updated : Oct 13, 2026 11:57 pm IST

नारंगी रंग को मां कूष्मांडा का प्रिय रंग बताया गया है। यही कारण है कि मां कूष्मांडा की पूजा में नारंगी रंग को खास महत्व दिया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं मां कूष्मांडा के प्रिय रंग के रूप में नारंगी रंग की मान्यता और धार्मिक रूप से इसका क्या महत्व है।

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मां कूष्मांडा का प्रिय रंग Image Source : INDIA TV

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विशेष महत्व है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना की जाती है। उन्हें सृष्टि में ऊर्जा और प्रकाश का संचार करने वाली देवी माना जाता है। नवरात्रि में मां कूष्मांडा की पूजा के लिए नारंगी रंग को खास महत्व दिया जाता है। यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं मां कूष्मांडा के प्रिय रंग के रूप में नारंगी रंग की मान्यता और इससे जुड़े धार्मिक महत्व के बारे में।

मां कूष्मांडा का प्रिय रंग

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सृष्टि की रचयिता और ऊर्जा का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि की रंग परंपरा में नारंगी रंग को मां कूष्मांडा से जोड़कर देखा जाता है। यह रंग तेज, उत्साह और उमंग का प्रतीक माना जाता है। भक्त इस दिन नारंगी रंग के वस्त्र पहनकर या पूजा में इस रंग को शामिल करके देवी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक

मां कूष्मांडा की आराधना को जीवन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा की कामना से भी जोड़ा जाता है। मान्यता के अनुसार, देवी की भक्ति व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

सकारात्मकता से संबंध

नारंगी रंग को प्रसन्नता और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। मां कूष्मांडा की पूजा करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन नारंगी रंग को पूजा में शामिल करना उत्साह और आशावादी सोच का प्रतीक माना जा सकता है।

आत्मविश्वास और साहस का प्रतीक

नारंगी रंग व्यक्ति के आत्मविश्वास और साहस से भी जुड़ा है। मां कूष्मांडा की आराधना करते समय भक्त उनसे जीवन में शक्ति, बुद्धि और सही निर्णय लेने की क्षमता देने की प्रार्थना करते हैं। यह रंग व्यक्ति को पूरे उत्साह के साथ अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है।

पूजा में कैसे शामिल करें?

मां कूष्मांडा की पूजा के दिन भक्त नारंगी रंग के वस्त्र पहन सकते हैं या पूजा स्थल की सजावट में इस रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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