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नवरात्रि के चौथे दिन किस विधि से करें मां कूष्मांडा की पूजा? यहां जानें संपूर्ण पूजा विधि, मंत्र और भोग

 Written By: Acharya Indu Prakash
 Published : Oct 13, 2026 10:04 pm IST,  Updated : Oct 13, 2026 10:48 pm IST

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विधान है। देवी का तेज सूर्य के समान प्रकाशमान है और उनका निवास सूर्य मंडल में माना जाता है। भक्त साहस, आरोग्य, यश और समृद्धि की कामना से उनकी उपासना करते हैं। जानिए मां कूष्मांडा की पूजा विधि।

maa kushmanda puja vidhi- India TV Hindi
मां कूष्मांडा की पूजा विधि Image Source : INDIA TV

शारदीय नवरात्रि 2026 चल रहे हैं। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कूष्मांडा अपनी दिव्य ऊर्जा से सृष्टि को प्रकाश देने वाली देवी हैं। भक्त उनकी आराधना करके सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना करते हैं। आइए जानते हैं मां कूष्मांडा की पूजा विधि, मंत्र और प्रिय भोग के बारे में।

मां कूष्मांडा का स्वरूप और महत्व

मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता है। उनकी आठ भुजाओं में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जप माला विराजमान हैं। 

मां कूष्मांडा की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल की सफाई करके मां कूष्मांडा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • सबसे पहले कलश का पूजन करें और फिर मां का ध्यान करें।
  • देवी को जल, अक्षत, रोली, पुष्प और माला अर्पित करें।
  • माता को लाल फूल, लाल वस्त्र या लाल चूड़ियां अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार चढ़ाएं।
  • इसके बाद धूप-दीप दिखाएं और मां के मंत्रों का जाप करें।
  • देवी को फल, मिठाई और अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोग अर्पित करें।
  • पूजा के दौरान अपने और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें।
  • अंत में मां कूष्मांडा की आरती करें और प्रसाद सभी में बांटें।

मां कूष्मांडा के मंत्र

मां कूष्मांडा की आराधना के दौरान उनके सरल मंत्र का जाप किया जा सकता है। मंत्र:- ॐ कूष्माण्डायै नमः।

मां कूष्मांडा की स्तुति के लिए यह श्लोक भी पढ़ा जाता है।

श्लोक:

सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

उपासना मंत्र: ऐं ह्री देव्यै नम:

मां दुर्गा की स्तुति: 

या देवी सर्वभूतेषु सृष्टि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां कूष्मांडा को क्या भोग लगाएं?

मां कूष्मांडा को कुम्हड़ा यानी पेठा अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा केसरिया हलवा, पीले रंग की मिठाइयां, मालपुआ, बताशे, फल और नारियल भी भोग में चढ़ाए जा सकते हैं। कुछ परंपराओं में दही और विभिन्न प्रकार के हलवे का भोग लगाने की मान्यता है। व्रत रखने वाले भक्त सिंघाड़े के आटे का हलवा भी बना सकते हैं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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