1. Hindi News
  2. धर्म
  3. मां कूष्मांडा को बेहद प्रिय है यह खास भोग, नवरात्रि के चौथे दिन जरूर चढ़ाएं, घर में आएगी सुख-समृद्धि

मां कूष्मांडा को बेहद प्रिय है यह खास भोग, नवरात्रि के चौथे दिन जरूर चढ़ाएं, घर में आएगी सुख-समृद्धि

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 13, 2026 02:47 pm IST,  Updated : Oct 13, 2026 02:47 pm IST

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यताओं के अनुसार, देवी कूष्मांडा सूर्य ग्रह को दिशा एवं ऊर्जा प्रदान करती हैं। तो यहां जानिए कि देवी कूष्मांडा को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए।

नवरात्रि का चौथा दिन- मां कूष्मांडा- India TV Hindi
नवरात्रि का चौथा दिन- मां कूष्मांडा Image Source : INDIA TV

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। अपनी मंद हंसी से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण मां दुर्गा के चौथे स्वरूप को कूष्मांडा के नाम से जाना जाता है। संस्कृत भाषा में कूष्मांडा कुम्हड़े को कहा जाता है। देवी मां को कुम्हड़े की बलि बहुत प्रिय है इसलिए भी इन्हें कूष्मांडा कहते हैं। देवी  कूष्मांडा का वाहन सिंह है। मां कूष्मांडा की आठ भुजायें होने के कारण इन्हें अष्टभुजा वाली भी कहा जाता है। इनके सात हाथों में कमण्डल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा नजर आता है तो आठवें हाथ में जप की माला। कहते हैं इस जप की माला में सभी सिद्धियों और निधियों का संग्रह है। 

कूष्मांडा देवी थोड़ी-सी सेवा और भक्ति से ही प्रसन्न हो जाती हैं। जो साधक सच्चे मन से इनकी शरण में आता है उसे आसानी से परम पद की प्राप्ति हो जाती है। मां कूष्मांडा को लाल रंग के फूल पसंद हैं। इनका निवास सूर्य मंडल के भीतर है। कहते हैं सूर्यलोक में निवास करने की क्षमता केवल मां कूष्मांडा में ही है और यही सूर्य देव को दिशा और ऊर्जा प्रदान करती हैं। तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा को क्या भोग चढ़ाना चाहिए।

नवरात्रि के चौथे दिन क्या भोग लगाएं?

नवरात्रि का चौथा दिन देवी कूष्मांडा को समर्पित है। देवी मां को मालपुआ और पेठा अति प्रिय है। ऐसे में मां कूष्मांडा को मालपुआ और पेठा का भोग लगाएं। अगर केसर वाला पेठा मिल जाए तो इसी का प्रसाद माता रानी को चढ़ाएं। बता दें कि मां कूष्मांडा को पेठे की बलि चढ़ाने की भी परंपरा है। 

भोग लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप घर में मां कूष्मांडा का भोग तैयार कर रहे हैं तो शुद्धता और सात्विकता का पूरा ध्यान रखें। इसके अलावा इस चीज का भी ख्याल रखें कि भोग में लहसुन-प्याज या अन्य तामसिक चीजें स्पर्श न हो। देवी मां के भोग में तुलसी नहीं चढ़ाएं, क्योंकि दुर्गा माता की पूजा तुलसी चढ़ाना वर्जित है। मालपुआ देसी घी में ही बनाएं और सच्चे मन से देवी मां के चरणों में अर्पित करें। मालपुआ और पेठा के अलावा देवी कूष्मांडा को आप बताशा का भोग भी लगा सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

क्या आप भी नवरात्रि और दुर्गा पूजा को एक समझते हैं? यहां समझिए दोनों के बीच का अंतर

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।