Navami Ka Shradh Kab Hai 2025: पितृ पक्ष की नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की नवमी तिथि को हुई हो। इसके अलावा ये तिथि माता का श्राद्ध करने के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है। यही कारण है कि इस तिथि को मातृ नवमी के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं इस तिथि पर श्राद्ध करने से परिवार की मृतक महिला सदस्यों की आत्मा को शांति मिलती है। चलिए आपको बताते हैं नवमी श्राद्ध कब है और इसका महत्व, मुहूर्त क्या रहेगा।
नवमी श्राद्ध कब है 2025 (Navami Shradh Kab Hai 2025)
- नवमी श्राद्ध - 15 सितम्बर 2025, सोमवार
- कुतुप मूहूर्त - 11:51 AM से 12:41 PM
- अवधि - 00 घण्टे 49 मिनट्स
- रौहिण मूहूर्त - 12:41 PM से 01:30 PM
- अवधि - 00 घण्टे 49 मिनट्स
- अपराह्न काल - 01:30 PM से 03:58 PM
- अवधि - 02 घण्टे 28 मिनट्स
- नवमी तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 15, 2025 को 03:06 AM बजे
- नवमी तिथि समाप्त - सितम्बर 16, 2025 को 01:31 AM बजे
नवमी श्राद्ध विधि (Navami Shradh Vidhi In Hindi)
- श्राद्ध वाले दिन सुबह उठकर स्नान करें और पूरे घर में गंगाजल और गोमूत्र छिड़कें।
- इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं।
- फिर तांबे के चौड़े बर्तन में काले तिल, गाय का कच्चा दूध और गंगाजल पानी डालें।
- इस जल को अपने दोनों हाथों में भरकर सीधे हाथ के अंगूठे से उसी बर्तन में गिराएं। ऐसा आपको 11 बार करते हुए अपने पितरों का तर्पण करना है।
- इसके बाद पितरों के लिए भोजन तैयार करें।
- श्राद्ध के लिए श्रेष्ठ ब्राह्मण को घर पर बुलाएं उन्हें भोजन कराएं।
- पितरों के निमित्त अग्नि में बनाया गया भोजन अर्पित करें।
- ब्राह्मण को भोजन कराने से गाय, कुत्ते और कौवेके लिए भोजन अवश्य निकालें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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