ज्योतिष शास्त्र में गुरु और चंद्रमा दोनों को ही शुभ ग्रह माना जाता है और जब भी ये दोनों ग्रह मिलकर नवपंचम योग का निर्माण करते हैं तो कुछ राशियों को शुभ फल मिल सकते हैं। 26 सितंबर को पूर्णिमा की सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर चंद्रमा के मीन राशि में प्रवेश करते ही गुरु-चंद्रमा के बीच नवपंचम योग बनेगा। इस योग के बनने से राशिचक्र की कुछ राशियों को आर्थिक लाभ और भाग्य का साथ मिल सकता है, आइए जान लेते हैं इन राशियों के बारे में।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों गुरु-चंद्र के बीच बनने वाले नवपंचम योग के चलते आपका द्वितीय भाव और दसवां भाव सक्रिय रहेंगे। ये दोनों भाव धन और करियर क्षेत्र में उन्नति दिलाने वाले माने जाते हैं। इसलिए नवपंचम योग के प्रभाव से आपको आर्थिक लाभ मिल सकता है। कुछ लोगों को मनचाही जगह पर और मनचाही सैलरी पर जॉब मिलने के भी आसार हैं। आपके प्रयास भी इस दौरान सफल हो सकते हैं और भाग्य का भी भरपूर सहयोग आपको प्राप्त होगा। इस राशि के कुछ जातक अपना कारोबार शुरू करने में भी कामयाब हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आपको देखने को मिल सकते हैं।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों चंद्रमा आपकी ही राशि के स्वामी हैं और नवपंचम योग के दौरान आपके नवम भाव यानि की भाग्य भाव में विराजमान होंगे। इसलिए भाग्य का भरपूर सहयोग आपको मिल सकता है। आपकी अटकी हुई योजनाएं फिर से चालू हो सकती हैं। कुछ जातकों को कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिलने के भी योग हैं। धन के नए स्रोत इस राशि के कुछ जातकों को मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी खुशियां लौटेंगी। इस राशि के जो जातक उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं उन्हें बड़ी उपलब्धि मिलने के योग हैं।
मीन राशि
चंद्रमा नवपंचम योग के दौरान आपकी ही राशि में होंगे और गुरु पंचम भाव में। आपके लिए भी नवपंचम योग का बनना शुभ साबित हो सकता है। आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं और बीते समय में की गई मेहनत का भी अच्छा परिणाम आप पा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ सीनियर्स कर सकते हैं। किस्मत का भी साथ आपको मिलेगा। इस राशि के कुछ जातकों को निवेश किए गए धन से अच्छा मुनाफा मिल सकता है। गुरु-चंद्र की स्थिति के चलते आपकी रुचि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में बढ़ सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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