रम्भा एकादशी और गोवत्स द्वादशी का संयोग धार्मिक दृष्टि से खास माना जाता है। इस अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा और गाय-बछड़े की आराधना करने का विधान है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से धन में बढ़ोतरी, व्यापार में उन्नति, नौकरी में प्रमोशन और सुख-सौभाग्य की कामना की जा सकती है। आइए जानते हैं इस शुभ संयोग में किए जाने वाले खास उपायों के बारे में।
रम्भा एकादशी और गोवत्स द्वादशी के खास उपाय
- अगर आप धन में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो नहा-धोकर धन कारक 11 कौड़ियों की पूजा करें। फिर उन कौड़ियों को एक पीले रंग के कपड़े में लपेटकर तिजोरी या धन के स्थान पर संभालकर रख दें।
- व्यापार में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो भगवान विष्णु की पूजा के समय उनके पास एक रुपये का सिक्का रखें और उस सिक्के की भी रोली और फूलों से पूजा करें। फिर उस सिक्के को एक लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रख दें।
- अगर आप नौकरी में प्रमोशन को लेकर परेशान हैं तो इससे छुटकारा पाने के लिए विष्णु मंदिर जाकर भगवान को पीले रंग के कपड़े भेंट करें। अगर संभव हो तो अपने हाथों से भगवान के लिए कपड़े तैयार करके मंदिर में भेंट करें।
- परिवार के सुख-सौभाग्य को बनाए रखना चाहते हैं तो एक 5 मुखी रुद्राक्ष, एक साबुत हल्दी, गोमती चक्र, कौड़ी और गुंजाफल के दाने लेकर एक सौभाग्य पोटली बनाएं। इस पोटली को श्री विष्णु पूजा के समय भगवान के पास रखें। पूजा के बाद इस पोटली को तिजोरी में या घर के मंदिर में रख दें।
- बच्चे का स्वास्थ्य खराब चल रहा है तो तुलसी दल से विष्णु भगवान की पूजा करें। पूजा के बाद 5 तुलसी के पत्ते बच्चे को खाने के लिए देने चाहिए। ध्यान रहे तुलसी को चबाना नहीं चाहिए, उसे केवल पानी के साथ निगल लेना चाहिए। साथ ही मंदिर में दाल का दान करना चाहिए।
- अगर आप आज अपने सारे कार्यों में सफलता पाना चाहते हैं तो घर से निकलते समय गाय माता के दर्शन जरूर करें और उन्हें हाथ जोड़कर प्रणाम करें। आज गोवत्स द्वादशी के दिन गाय माता के दर्शन करना बड़ा ही शुभ होता है और सोने पे सुहागा तब हो जाता है, जब बच्चे को दूध पिलाती गाय के दर्शन हो जाएं।
- अगर आप अपने पूरे परिवार का स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखना चाहते हैं तो 5 साबुत हल्दी के टुकड़े लेकर, गाय माता को स्पर्श कराकर अपने रसोईघर में किसी डिब्बे में डालकर रख दें।
- संतान सुख पाना चाहते हैं तो आपको गोवत्स द्वादशी का व्रत करना चाहिए और विधि-पूर्वक गाय-बछड़े का पूजन करना चाहिए। पूजन के बाद संतान सुख पाने के लिए गाय माता से हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी चाहिए। पूजन में धान के चावल का उपयोग नहीं करना चाहिए।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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