अंक ज्योतिष के अनुसार 27 जुलाई से कर्मफल दाता शनि वक्री चाल चलेंगे। यह स्थिति कुछ मूलांक के लोगों के लिए चुनौतियां लेकर आ सकती है। इस दौरान मानसिक सेहत, धन से जुड़े मामले समेत कई मोर्चे पर अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी। चलिए जानते हैं वक्री शनि किन मूलांक के लिए दिक्कतें पैदा कर सकता है और किन उपायों से शनि के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।
शनि की वक्री चाल का प्रभाव
शनि को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है। 27 जुलाई से 11 दिसंबर 2026 तक शनि वक्री अवस्था में रहेंगे। इस दौरान कुछ मूलांक के लोगों को कामकाज, रिश्तों और आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
मूलांक 2: भावनाओं पर रखें काबू
जिन लोगों का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 2 होता है। इस दौरान आपका मन अस्थिर रह सकता है और छोटी-छोटी बातों पर तनाव महसूस हो सकता है। परिवार में मतभेद या माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
क्या न करें: कार्यस्थल पर भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें और किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें।
मूलांक 4: आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी
4, 13, 22 और 31 तारीख को जन्मे लोगों के लिए यह समय कुछ चुनौतियां ला सकता है। कारोबार में रुकावट, सरकारी कामों में देरी और कानूनी मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी।
क्या न करें: किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह जांच करना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से भी लापरवाही न करें।
मूलांक 7: सोच-समझकर लें फैसले
7, 16 और 25 तारीख को जन्मे लोगों के रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। करियर को लेकर असमंजस बना रह सकता है। फिजूल खर्च बढ़ने की संभावना रहेगी, इसलिए बजट बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा।
क्या न करें: जल्दबाजी में नौकरी बदलने और कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।
शनि के अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय
शनिवार के दिन 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। सरसों के तेल का छाया दान करें। जरूरतमंद लोगों को काली उड़द, काले तिल या काले वस्त्र दान करें। शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही गरीबों की सहायता करें, कर्मचारियों और जरूरतमंदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखें। अपनी क्रोध और वाणी पर संयम बनाए रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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