सावन के महीने को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। इसके साथ ही सावन के माह में कुछ आसान से उपाय करके आप शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभावों से भी बच सकते हैं। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में आपको जानकारी देंगे।
सावन के ये उपाय करेंगे शनि, राहु-केतु को शांत
भगवान शिव के प्रिय माह में शनि और राहु-केतु के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए उपाय आप कर सकते हैं। शिव भगवान को इन सभी ग्रहों को नियंत्रित करने वाला माना भी जाता है। इसलिए नीचे दिए गए उपायों को आप भी सावन के महीने में आजमा सकते हैं।
- जो लोग शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती से पीड़ित हैं उनको सावन के महीने में काले तिल से शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए। इससे शनि और महादेव दोनों का आशीर्वाद आपको मिलता है।
- अगर कुंडली में शनि की स्थिति अनुकूल नहीं है तो शमी पत्र आपको शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए।
- सावन में सरसों के तेल का दीपक शिवलिंग के पास आपको जलाना चाहिए और साथ ही घर के मंदिर में भी आप सरसों तेल का दीपक जला सकते हैं। ऐसा करने से आपको शनि के बुरे प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है।
- सावन के महीने में सरसों के तेल, काले कपड़े, लोहे के बर्तन, काले चने, काले तिल का दान करने से आप शनि देव को शांत कर सकते हैं।
- इन उपायों के अलावा शनि चालीसा का पाठ सावन के दौरान करने से भी शुभ फल आपको मिल सकते हैं।
राहु को शांत करने के उपाय
- सावन के माह में धतूरा और आंकड़े के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने से राहु के बुरे प्रभाव दूर होते हैं। आपको बता दें कि राहु का धतूरा अतिप्रिय है।
- राहु के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए सावन माह में सोमवार और शनिवार के दिन 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का आपको 108 बार जप करना चाहिए।
- कुश और दुर्वा से शिवलिंग का अभिषेक करने से भी राहु के बुरे प्रभाव दूर होते हैं।
केतु के बुरे प्रभावों को दूर करने के उपाय
- सावन के माह में अगर आप गंगाजल में कुश मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं तो केतु शांत होते हैं।
- किसी शिव मंदिर में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा सावन के दौरान अर्पित करने से केतु के बुरे प्रभावों से आप बच सकते हैं।
- शिवलिंग पर अगर आप सफेद चंदन का लेप सावन के दौरान लगाते हैं तो इस उपाय को करने से भी केतु को आप शांत कर सकते हैं।
महाउपाय
सावन के महीने में अगर आप शनि, राहु-केतु तीनों ग्रहों को शांत करना चाहते हैं तो आपको रुद्राभिषेक का पाठ घर में करवाना चाहिए। हालांकि, इसके लिए किसी योग ज्योतिषाचार्य या पुरोहित से सलाह अवश्य लें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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