सावन शिवरात्रि अत्यंत ही पावन दिन माना जाता है, इसलिए कई श्रद्धालु इस दिन रुद्राभिषेक जरूर कराते हैं। कहते हैं सावन शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक कराने से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। लेकिन अब सवाल ये आता है कि सावन शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक किस समय कराएं - ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त, प्रदोष काल या फिर निशिता काल में? हमारे इस आर्टिकल में आपकी सारी कन्फ्यूजन दूर हो जाएगी।
सावन शिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक कब कराएं?
पंडित सुजीत जी महाराज अनुसार, सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। आप इस दिन किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं। आपको दिन में, शाम में या रात में जब समय मिले रुद्राभिषेक कराएं। लेकिन अगर रुद्राभिषेक के सबसे शुभ मुहूर्तों की बात करें तो वो इस प्रकार रहने वाले हैं:
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:22 AM से 05:05 AM |
| अभिजीत मुहूर्त | 12:00 PM से 12:53 PM |
| विजय मुहूर्त | 02:39 PM से 03:32 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 07:04 PM से 07:26 PM |
| प्रदोष काल मुहूर्त (सबसे शुभ) | 07:05 PM से 09:14 PM |
सावन शिवरात्रि चार प्रहर पूजा समय 2026
शिवरात्रि पर रात्रि के चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में आप इस दौरान भी रुद्राभिषेक करा सकते हैं:
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 07:04 PM से 09:45 PM
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:45 PM से 12:26 AM, अगस्त 12
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:26 AM से 03:07 AM, अगस्त 12
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:07 AM से 05:49 AM, अगस्त 12
रुद्राभिषेक कराने का सबसे उत्तम समय कौन सा होता है?
शास्त्रों अनुसार शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम समय प्रदोष काल का माना जाता है। अगर आपके लिए संभव हो तो शिवरात्रि पर प्रदोष काल में रुद्राभिषेक कराएं। 11 अगस्त 2026 को प्रदोष काल 07:05 PM से 09:14 PM तक रहेगा।
रुद्राभिषेक किस चीज से कराना चाहिए?
रुद्राभिषेक दूध, जल, गन्ने का रस, सरसों का तेल, दही, पंचामृत, घी, गंगाजल, शहद समेत तमाम पवित्र द्रव्यों से कराया जा सकता है। आपकी जैसी मनोकामना है उस अनुसार आप रुद्राभिषेक कराएं। रुद्राभिषेक के बारे में ज्यादा जानने के लिए यहां क्लिक करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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